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Chandigarh News : चंडीगढ़ के अस्पतालों में सुधरेगी क्रिटिकल केयर, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर तैयार होगा ICU का नया ढांचा

क्रिटिकल केयर सेवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने पर रखी अपनी राय

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चंडीगढ़ के सरकारी और निजी अस्पतालों में अब आईसीयू (ICU) सेवाओं का स्वरूप बदलने वाला है। प्रशासन ने सर्वोच्च न्यायालय और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों के तहत "इंटेंसिव केयर सेवाओं के संगठन एवं प्रदायगी" के नए मसौदे पर मंथन शुरू कर दिया है। यूटी सचिवालय में मंगलवार को स्वास्थ्य सचिव मनदीप सिंह बराड़ की अध्यक्षता में हुई बैठक में पीजीआई (PGI), जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 जैसे बड़े संस्थानों के विशेषज्ञों ने क्रिटिकल केयर सेवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने पर अपनी राय रखी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हो रही कार्रवाई

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यह पूरी प्रक्रिया 'असित बरन मंडल बनाम डॉ. रीता सिन्हा' मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 3 फरवरी 2026 को दिए गए आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे निजी और सरकारी क्षेत्र के विशेषज्ञों से परामर्श कर आईसीयू अवसंरचना, उपकरणों और मानव संसाधन के मानकों में एकरूपता लाने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत करें। इसका मुख्य उद्देश्य गंभीर रोगियों को बेहतर और पारदर्शी उपचार सुनिश्चित करना है।

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एचडीयू और डिजिटल मॉनिटरिंग पर रहेगा जोर

बैठक के दौरान विशेषज्ञों ने आईसीयू के वर्गीकरण (लेवल 1, 2 और 3) का समर्थन किया। चर्चा में यह बात प्रमुखता से उभरी कि हाई डिपेंडेंसी यूनिट्स (HDUs) को क्रिटिकल केयर सेवाओं का अभिन्न हिस्सा बनाकर उन्हें और मजबूत किया जाना चाहिए।

विशेषज्ञों द्वारा दिए गए प्रमुख सुझाव:

डिजिटल डैशबोर्ड: चंडीगढ़ के सभी अस्पतालों के आईसीयू बेड की उपलब्धता और मरीज की स्थिति की निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल पोर्टल विकसित किया जाए।

मजबूत रेफरल तंत्र: गंभीर रोगियों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए त्वरित और प्रभावी इंटर-हॉस्पिटल ट्रांसफर सिस्टम बने।

क्षमता निर्माण: डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के लिए नियमित ट्रेनिंग और मानक उपचार प्रोटोकॉल (Standard Treatment Protocols) का कड़ाई से पालन हो।

टेली-आईसीयू सेवा: छोटे अस्पतालों को पीजीआई जैसे बड़े संस्थानों के विशेषज्ञों से जोड़ने के लिए टेली-मेडिसिन का उपयोग किया जाए, ताकि विशेषज्ञ सलाह तुरंत मिल सके।

प्रशासन की प्रतिबद्धता

स्वास्थ्य सचिव मनदीप सिंह बराड़ ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन शहर के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में उच्च गुणवत्ता वाली और मानकीकृत क्रिटिकल केयर सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. सुमन सिंह और आईएमए (IMA) के प्रतिनिधियों ने भी उपचार की गुणवत्ता और रोगी सुरक्षा बढ़ाने के लिए अपने इनपुट दिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी सुझावों को संकलित कर निर्धारित समय के भीतर स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS), भारत सरकार को भेजा जाएगा।

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