चंडीगढ़ नगर निगम का एक्शन, कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा ताक पर; फायर विभाग के औचक निरीक्षण में खुली पोल
सेक्टर-24 और 25 के संस्थानों में जांच के दौरान अग्नि सुरक्षा नियमों की मिली अनदेखी, कमियां तुरंत दूर न करने पर होगी सख्त कार्रवाई
गर्मी के मौसम में आगजनी की संभावित घटनाओं को रोकने और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चंडीगढ़ नगर निगम के अग्निशमन और बचाव सेवा विभाग ने शुक्रवार को सेक्टर-24 और 25 में चल रहे कोचिंग सेंटरों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा और बचाव के इंतजामों में भारी कमियां पाई गईं। यह अभियान संयुक्त आयुक्त सह मुख्य अग्निशमन अधिकारी डा. इंद्रजीत के नेतृत्व में चलाया गया, जिसमें सेक्टर-17, 32 और 38 के स्टेशन फायर अधिकारियों की टीम शामिल रही।
कमियां दूर करने के सख्त निर्देश
छापेमारी के दौरान जांच टीम ने पाया कि कई कोचिंग संस्थानों में आग से बचाव, रोकथाम और जीवन सुरक्षा की उचित व्यवस्था नहीं थी। अग्निशमन विभाग ने संबंधित संस्थानों के प्रबंधकों को इन कमियों को तुरंत दूर करने और चंडीगढ़ अग्नि सुरक्षा नियमों का पूरी तरह से पालन करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
लापरवाही पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
डा. इंद्रजीत ने कहा कि कोचिंग सेंटरों में बड़ी संख्या में छात्र आते हैं, इसलिए वहां आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली और बुनियादी ढांचे का हर समय दुरुस्त होना अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि अग्नि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा है और ऐसा पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शहरभर में तेज होगा चेकिंग अभियान
चंडीगढ़ में सुरक्षा तैयारियों को और अधिक मजबूत करने के लिए सभी स्टेशन फायर अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्रों में निरीक्षण अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग अब पूरे शहर के संस्थानों की व्यापक अग्नि सुरक्षा जांच करेगा। अग्निशमन विभाग का कहना है कि वे नियमित निरीक्षण, जागरूकता और कड़े नियमों के माध्यम से लोगों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
