नीति आयोग में चमका चंडीगढ़ मॉडल: 2047 के विकसित भारत का ‘लिविंग लैब’ बनने की पेशकश
Chandigarh Model: शिक्षा, कौशल विकास, खेल और बाल कल्याण के दम पर राष्ट्रीय औसत से आगे निकला चंडीगढ़; 2027 एशियन रिले चैंपियनशिप की मेजबानी भी करेगा
Chandigarh Model: नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में चंडीगढ़ ने खुद को ‘विकसित भारत 2047’ के मॉडल शहर के रूप में पेश करते हुए शिक्षा, कौशल विकास, खेल और मानव संसाधन विकास से जुड़ी अपनी व्यापक उपलब्धियों का खाका प्रस्तुत किया। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली बैठक में यह विजन दस्तावेज पेश किया।
बैठक का मुख्य विषय मानव पूंजी (Human Capital) था, जिसमें चंडीगढ़ ने प्रारंभिक शिक्षा, स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, कौशल विकास और खेलों को विकास के पांच प्रमुख स्तंभों के रूप में प्रस्तुत किया।
राष्ट्रीय औसत से काफी आगे चंडीगढ़
चंडीगढ़ ने उच्च शिक्षा में 64.8 प्रतिशत का ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) हासिल किया है, जबकि राष्ट्रीय औसत 28.4 प्रतिशत है। यह आंकड़ा भारत द्वारा वर्ष 2035 के लिए निर्धारित लक्ष्य से भी आगे है।
स्कूली शिक्षा में भी चंडीगढ़ लगातार दूसरे वर्ष शिक्षा मंत्रालय की पीजीआई 2.0 रैंकिंग में सर्वोच्च ‘प्रचेष्टा-1’ श्रेणी में शामिल रहा। कक्षा 10 का पास प्रतिशत 2023-24 के 78.72 प्रतिशत से बढ़कर 2025-26 में 88.25 प्रतिशत पहुंच गया।
साक्षरता और आंगनवाड़ी में भी उपलब्धियां
चंडीगढ़ को यूएलएलएएस (ULLAS) पहल के तहत 99.93 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ पूर्ण साक्षर केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया है। यह राष्ट्रीय पूर्ण साक्षरता मानक 95 प्रतिशत से काफी अधिक है।
शहर के 450 आंगनवाड़ी केंद्रों में हर महीने 10,721 लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंच रही हैं। इनमें से 152 केंद्रों को ‘सक्षम आंगनवाड़ी’ में अपग्रेड किया जा चुका है।
छात्रों को मिलेगी मुफ्त कोचिंग और किताबें
शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सरकारी स्कूलों की कक्षा 9 से 12 तक के लगभग 46,000 विद्यार्थियों को मुफ्त एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा ‘उड़ान’ और ‘शिखर-26’ परियोजनाओं के तहत 200 मेधावी छात्रों को जेईई और नीट की मुफ्त कोचिंग दी जाएगी।
खेलों में भी बढ़ी पहचान
चंडीगढ़ के खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में 471 राष्ट्रीय और 17 अंतरराष्ट्रीय पदक जीते हैं। खिलाड़ियों को 22.12 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति और 9.45 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार दिए गए हैं।
2027 एशियन रिले चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा चंडीगढ़
सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह है कि चंडीगढ़ को एशियन रिले चैंपियनशिप 2027 की मेजबानी मिली है। यह शहर में आयोजित होने वाला अब तक का पहला और सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स आयोजन होगा।
इस आयोजन की तैयारी के लिए अगले वर्ष 20 करोड़ रुपये के खेल अवसंरचना निवेश की योजना बनाई गई है। इसके तहत सेक्टर-18 हॉकी स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ और सेक्टर-7 के सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक का उन्नयन किया जाएगा।
एआई और वैश्विक साझेदारी पर फोकस
चंडीगढ़ ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े कदम उठाए हैं। सरकारी आईटीआई महिला संस्थान में एआई लैब स्थापित की गई है, जबकि उच्च शिक्षा विभाग अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी को अंतिम रूप देने में जुटा है।
विकसित भारत 2047 के लिए समर्थन की मांग
प्रशासक कटारिया ने केंद्र सरकार से चंडीगढ़ को केवल एक सफल केंद्र शासित प्रदेश नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत 2047’ के लिए एक जीवंत प्रयोगशाला (Living Laboratory) के रूप में मान्यता देने और इसके अनुरूप संस्थागत एवं वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने की मांग की।
