Chandigarh: मेयर के आरोपों पर कांग्रेस का पलटवार, एचएस लक्की ने गिनाईं भाजपा कार्यकाल की नाकामियां
मेयर हरप्रीत कौर बबला द्वारा अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाने और शहर के सांसद मनीष तिवारी पर सहयोग न करने व नगर निगम में शून्य अटेंडेंस का आरोप लगाने के एक दिन बाद कांग्रेस ने जोरदार पलटवार किया है। शनिवार...
मेयर हरप्रीत कौर बबला द्वारा अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाने और शहर के सांसद मनीष तिवारी पर सहयोग न करने व नगर निगम में शून्य अटेंडेंस का आरोप लगाने के एक दिन बाद कांग्रेस ने जोरदार पलटवार किया है। शनिवार को चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष एच एस लक्की ने पत्रकारवार्ता कर मेयर के पूरे कार्यकाल का ब्यौरा रखते हुए भाजपा पर तीखे सवाल खड़े किए।
एच एस लक्की ने कहा कि मेयर का कार्यकाल शुरू होते ही मलोया में आठ गोवंश की मौत हुई और हाल ही में माखनमाजरा में करीब 50 गायों की मौत का मामला सामने आया। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी घटनाएं कहीं और हुई होतीं तो भाजपा बड़े स्तर पर आंदोलन करती, लेकिन यहां गोवंश की मौत पर चुप्पी साध ली गई। लोगों से काउ सेस लिया जाता है, फिर उनकी बेकद्री क्यों हो रही है? कांग्रेस ने कहा कि इस पूरे मामले में पार्टी जांच के नतीजों का इंतजार कर रही है।
लक्की ने पानी की आपूर्ति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह द्वारा मनीमाजरा में 24 घंटे पानी देने की घोषणा की गई थी, लेकिन लोगों को साफ पानी के बजाय गंदा पानी मिला। पानी सप्लाई को लेकर क्या-क्या खेल हुआ, यह शहर ने देखा है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रॉपर्टी टैक्स का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भाजपा ने पहले इसे तीन गुना बढ़ाया और कांग्रेस के विरोध के बाद इसे दोगुना किया गया। वहीं, बिजली विभाग के निजीकरण को लेकर उन्होंने कहा कि मुनाफे में चल रहे विभाग को एक निजी कंपनी को सौंप दिया गया, जिसका नतीजा शहर ने हाल ही में देखा, जब कई सेक्टरों में घंटों बिजली गुल रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहली बार एक हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया और कर्मचारियों के वेतन के लिए उनके ही पेंशन फंड से करीब 60 करोड़ रुपये खर्च किए गए। लक्की ने कहा कि चंडीगढ़ के 60 साल के इतिहास में सड़कों की हालत इतनी खराब कभी नहीं रही। डड्डूमाजरा में कूड़े का पहाड़ जस का तस है और इसकी डेडलाइन बार-बार बदली गई।
एच एस लक्की ने कहा कि वित्तीय संकट का हवाला देकर नगर निगम की जमीन बेचने की तैयारी की गई, जिसका कांग्रेस ने विरोध किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विकास का कोई एजेंडा ही नहीं था तो नगर निगम की बैठकों में सांसद क्यों आते। उन्होंने कहा कि सांसद मनीष तिवारी ने शहर के मुद्दों को संसद में उठाया है। लक्की ने मांग की कि नगर निगम का बजट 1700 करोड़ रुपये होना चाहिए और मेयर का कार्यकाल पांच साल का किया जाना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा के कार्यकाल में चंडीगढ़ की राष्ट्रीय रैंकिंग भी गिरी है। इसके साथ ही वर्ष 2024 में अनिल मसीह द्वारा सदन में सबके सामने वोट चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के सभी मेयर अपने कार्यकाल में विफल साबित हुए हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा केवल आरोपों की राजनीति कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि शहर की बुनियादी सुविधाएं बदहाल हैं और जनता इसका खामियाजा भुगत रही है।

