Chandigarh College Violence : 14 साल पुराने केस में नया मोड़, सरकारी गवाह ने लॉरेंस बिश्नोई को पहचानने से किया इनकार
लॉरेंस को अहमदाबाद जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया था
Chandigarh College Violence : चंडीगढ़ में 14 साल पहले दर्ज हत्या की कोशिश मामले में सरकारी वकील के एक गवाह ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को पहचानने से इनकार कर दिया है। लॉरेंस को अहमदाबाद जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया।
आरोपी के वकील हरीश भारद्वाज ने कहा कि गवाह नवनीत सिंह ने कोर्ट में कहा था कि वह लॉरेंस बिश्नोई को न तो जानता था और न ही पहचानता था। बता दें कि पुलिस ने 2012 में सेक्टर 10 में DAV कॉलेज में स्टूडेंट यूनियन के दो ग्रुप के बीच झड़प के बाद बिश्नोई और अन्य के खिलाफ हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया था।
गौरतलब है कि चंडीगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज, लांडरान में BTech का स्टूडेंट अंकित ग्रोवर के बयान पर केस दर्ज किया गया था। पुलिस को दिए बयान के मुताबिक, वह अपने दोस्त चरणदेव सिंह, नवनीत सिंह, अरसदीप और जीवनजोत चहल के साथ पंजाब यूनिवर्सिटी गया था। जीवनजोत चहल को पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (PUSU) का चेयरमैन घोषित किया गया था।
उसी दिन, वे सेक्टर 10 के DAV कॉलेज में एक स्टार नाइट में शामिल होने गए थे। उसने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई और अमनदीप सिंह मुल्तानी के नेतृत्व में स्टूडेंट्स का एक ग्रुप कॉलेज का ताला तोड़कर पिछले गेट से अंदर आया और PUSU सपोर्टर्स पर हमला कर दिया, जो कॉलेज में होने वाली एक स्टार नाइट के लिए इंतजाम कर रहे थे। इस दौरान आरोपियों ने फायरिंग और उन पर धारदार हथियारों और लाठियों से हमला किया। इस हमले में कई स्टूडेंट्स घायल हो गए।

