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Chandigarh Collector Rates : चंडीगढ़ के पॉश सेक्टरों से लेकर गांवों तक जमीन महंगी, रिहायशी और कमर्शियल रेट में भारी उछाल

प्रशासन ने तैयार किया नया ड्राफ्ट, 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी नई दरें, चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री होगी 55% तक महंगी

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Chandigarh Collector Rates 2026 : चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर के रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ा झटका देते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कलेक्टर रेट (सरकारी दरें) में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। वीरवार को प्रशासन द्वारा जारी ड्राफ्ट शेड्यूल के अनुसार, शहर के विभिन्न जोनों में जमीनों की कीमतों में 15 से 55 प्रतिशत तक का इजाफा प्रस्तावित किया गया है। संपदा कार्यालय (Estate Office) ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर आम जनता से 20 मार्च 2026 तक आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। प्रशासन के इस कदम का सीधा असर शहर में घर खरीदने और व्यावसायिक निवेश करने वालों की जेब पर पड़ेगा।

रिहायशी क्षेत्रों का नया गणित : सेक्टर 1 से 12 तक सबसे महंगे

प्रशासन ने शहर को तीन प्रमुख श्रेणियों (A, B और C) में विभाजित कर नई दरें तय की हैं। सबसे अधिक बढ़ोतरी पॉश इलाकों में देखने को मिली है:

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  • जोन-ए (सेक्टर 1 से 12): यहां वर्तमान रेट 1,78,600 रुपये प्रति वर्ग गज है, जिसे बढ़ाकर 2,37,900 रुपये प्रस्तावित किया गया है। यह लगभग 33 प्रतिशत की सीधी वृद्धि है।
  • जोन-बी (सेक्टर 14 से 37): इन मध्यवर्ती सेक्टरों में दरें 1,47,600 रुपये से बढ़ाकर 1,81,300 रुपये प्रति वर्ग गज प्रस्तावित की गई हैं।
  • जोन-सी (सेक्टर 38 और उससे आगे): शहर के बाहरी और नए विकसित सेक्टरों में रेट 1,33,200 रुपये प्रति वर्ग गज तय करने का प्रस्ताव है।

 पहली बार 'फ्लोर-वाइज' रजिस्ट्री का फॉर्मूला

इस बार के प्रस्ताव में सबसे बड़ा तकनीकी बदलाव चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) और ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों के फ्लैट्स के लिए किया गया है। अब तक फ्लैट्स के लिए एक समान दरें होती थीं, लेकिन अब मंजिल (Floor) के हिसाब से रेट तय होंगे:

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  1. ग्राउंड फ्लोर : इसके लिए प्रति वर्ग फुट की दर सबसे अधिक होगी।
  2. ऊपरी मंजिलें : पहली, दूसरी और तीसरी मंजिल के लिए कलेक्टर रेट में क्रमिक कमी आएगी। उदाहरण के लिए, यदि ग्राउंड फ्लोर का रेट 11,000 रुपये प्रति वर्ग फुट है, तो ऊपरी मंजिलों के लिए यह क्रमशः कम होता जाएगा।
  3. असर : इससे पहली बार फ्लैट खरीदारों को मंजिल के आधार पर रजिस्ट्री शुल्क देना होगा। इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी, लेकिन ग्राउंड फ्लोर के खरीदारों पर आर्थिक बोझ बढ़ना तय है।

व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों पर प्रभाव

शहर के मुख्य व्यापारिक केंद्रों और औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश अब महंगा सौदा होगा। प्रशासन ने कमर्शियल प्रॉपर्टी के लिए निम्नलिखित दरें प्रस्तावित की हैं:

  • सेक्टर 17 (SCO/SCF): यहां का रेट 5,92,200 रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंच सकता है।
  • प्रमुख कमर्शियल हब: सेक्टर 22, 34 और 35 के लिए भी दरों में 20 से 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है।
  • औद्योगिक क्षेत्र (Phase 1 & 2): यहाँ दरें 83,100 रुपये से बढ़ाकर 86,000 रुपये प्रति वर्ग गज प्रस्तावित की गई हैं।
  • मनीमाजरा और मोटर मार्केट: मनीमाजरा के मोटर मार्केट में बूथों के लिए 2,33,500 रुपये प्रति वर्ग गज का रेट तय किया गया है।
  • एलांते मॉल में दरों में ऐतिहासिक उछाल

    इस बार सबसे बड़ी बढ़ोतरी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एलांते मॉल में प्रस्तावित है। यहां ग्राउंड फ्लोर पर दुकानों और ऑफिसों के लिए रेट पिछले साल के 14,040 रुपये से बढ़ाकर सीधे 50,900 रुपये प्रति वर्ग फुट कर दिए गए हैं। वहीं, दूसरी मंजिल के लिए यह दर 49,600 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रस्तावित है। इस बढ़ोतरी से मॉल के भीतर प्रॉपर्टी की कीमतों में कई गुना उछाल आने की संभावना है।

क्यों बढ़ रहे हैं रेट और क्या होगा असर?

प्रशासन का तर्क है कि बाजार मूल्य (Market Price) और कलेक्टर रेट के बीच के बड़े अंतर को कम करने के लिए यह संशोधन अनिवार्य है। चूंकि 2025 में पहले ही दरें काफी बढ़ाई गई थीं (कुछ क्षेत्रों में तब 100% से ज्यादा का उछाल देखा गया था), इसलिए 2026 में दोबारा 15% से 55% की बढ़ोतरी का रियल एस्टेट कारोबारियों द्वारा कड़ा विरोध होने की संभावना है।

आम जनता पर प्रभाव

रजिस्ट्री महंगी: कलेक्टर रेट बढ़ने का सीधा मतलब है कि रजिस्ट्री कराते समय अब खरीदारों को हजारों से लाखों रुपये अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी के रूप में देने होंगे।

प्रॉपर्टी की कीमतों में उछाल: सरकारी रेट बढ़ने से खुले बाजार में भी जमीन के दाम बढ़ने शुरू हो गए हैं, जिससे मध्यम वर्ग के लिए घर का सपना और दूर हो सकता है।

2025 बनाम 2026 (प्रस्तावित

पिछले साल और इस साल के प्रस्तावित रेट के बीच का अंतर आपकी रिपोर्ट के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है:

  • सेक्टर 1-12 (रिहायशी): 2025 में यह 1,78,600 रुपये था, जो अब 2026 में 2,37,900 रुपये प्रस्तावित है।
  • सेक्टर 14-37 (रिहायशी): 2025 में 1,47,600 रुपये था, जो अब 1,81,300 रुपये प्रस्तावित है।
  • औद्योगिक क्षेत्र (Phase 1 & 2): 2025 में 83,100 रुपये था, जो अब 86,000 रुपये प्रस्तावित है।

लगातार दूसरी बढ़ोतरी

चूंकि 2025 में पहले ही दरें काफी बढ़ाई गई थीं (कुछ क्षेत्रों में तब 100% से ज्यादा का उछाल देखा गया था), इसलिए 2026 में दोबारा 15% से 55% की बढ़ोतरी का रियल एस्टेट कारोबारियों और आम जनता द्वारा कड़ा विरोध होने की संभावना है।

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