Chandigarh Sports : सिटी ब्यूटीफुल' चंडीगढ़ बनेगा अंतरराष्ट्रीय खेलों का हब! जानिए 2027 के लिए क्या है प्रशासन का मास्टर प्लान?
मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद ने की खेल विभाग की अहम समीक्षा बैठक; 2027 में एशियन चैंपियनशिप की मेजबानी और नए प्रोजेक्ट्स को जल्द पूरा करने के निर्देश
Chandigarh Sports : 'सिटी ब्यूटीफुल' चंडीगढ़ को देश का अग्रणी खेल केंद्र बनाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। खिलाड़ियों पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद अब शहर में कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं को लाने की तैयारी है। मंगलवार को यूटी के मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद ने खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। इसमें शहर के मौजूदा स्टेडियम, भविष्य की योजनाओं और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
इन दो बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट पर प्रशासन की नजर
शहर में खेल सुविधाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन कराने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। खेल निदेशक ने बताया कि प्रशासन वर्ष 2027 में होने वाली एशियन रिले चैंपियनशिप और 21वीं एशियन रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए बोली लगा रहा है। यदि यह मेजबानी मिलती है तो एशिया के कई देशों के दिग्गज खिलाड़ी चंडीगढ़ आएंगे। इसके साथ ही इस साल नवंबर 2026 में दूसरी चंडीगढ़ इंटरनेशनल मैराथन कराने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
करोड़ों की लागत से बन रहे ये नए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
बैठक में वर्ष 2025-26 में शुरू किए गए कई बड़े प्रोजेक्ट्स की प्रगति का जायजा लिया गया। इनमें सेक्टर-42 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अंतरराष्ट्रीय स्तर का बिलियर्ड्स और स्नूकर हॉल, सेक्टर-39 में ऑल-वेदर स्विमिंग पूल, सेक्टर-16 क्रिकेट स्टेडियम के मैदान का उन्नयन और सेक्टर-8 व 39 में शतरंज केंद्रों का विकास शामिल है। सेक्टर-8 में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बोच्चिया कोर्ट भी बनाया जा रहा है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि 2026-27 के प्रस्तावित कार्यों को भी जल्द शुरू कर तय समय में पूरा किया जाए। इनमें सेक्टर-18 व 42 के हॉकी मैदानों में एस्ट्रो-टर्फ बिछाना प्रमुख है।
खिलाड़ियों को बांटे 31 करोड़ रुपये से अधिक
बैठक में खिलाड़ियों के कल्याण को लेकर भी जानकारी दी गई। बताया गया कि वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान होनहार खिलाड़ियों को करीब 22.12 करोड़ रुपये की खेल छात्रवृत्तियां और 9.45 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार दिए गए हैं। खेल संघों को अनुदान देने और खिलाड़ियों का डेटा बैंक तैयार करने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी बनाया जा रहा है। मुख्य सचिव ने विभाग को सालभर के लिए एक व्यापक खेल कैलेंडर तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

