Chandigarh News : क्रेस्ट के खातों में 75 करोड़ का 'खेल': 303 बार की हेराफेरी ; IDFC फर्स्ट बैंक के 3 कर्मियों पर दर्ज FIR
धोखाधड़ी व साजिश रचने की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज
चंडीगढ़ प्रशासन के अहम विभाग 'चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी' (CREST) के बैंक खातों में करीब 75.16 करोड़ रुपये 303 बार एक खाते से दूसरे खाते में गए। इस संबंध में चंडीगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOPS), सेक्टर-17 ने आज, 12 मार्च 2026 को आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) के तीन नामजद कर्मचारियों और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी व साजिश रचने की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
यह घोटाला तब उजागर हुआ जब विभाग ने अपने वित्तीय रिकॉर्ड का बैंक से प्राप्त मूल विवरणों के साथ मिलान किया। ऑडिट के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि विभाग की जानकारी के बिना कुल 303 बार अनधिकृत तरीके से लेनदेन किए गए। इन अवैध निकासी और जमा के कारण विभाग की मूल राशि में कुल 75,16,04,293 रुपये (करीब 75.16 करोड़ रुपये) की भारी कमी पाई गई।
इन बैंक कर्मचारियों पर दर्ज हुआ केस
क्रैस्ट के प्रोजेक्ट डायरेक्टर द्वारा मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की शाखा (SCO No. 282) के कर्मचारियों को आरोपी बनाया है। नामजद आरोपियों में अभय कुमार, सीमा धीमान और रिभव ऋषि शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन कर्मचारियों ने कथित तौर पर बैंक के इंटरनल बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग कर विभाग के सरकारी खातों के साथ छेड़छाड़ की और करोड़ों रुपये इधर-उधर किए।
जांच के घेरे में अन्य बैंक अधिकारी और सिस्टम
आर्थिक अपराध शाखा (EOW) अब इस बात की जांच कर रही है कि 303 बार अवैध लेनदेन होने के बावजूद बैंक के आंतरिक सुरक्षा तंत्र और ऑडिट टीम ने इसे समय रहते क्यों नहीं पकड़ा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इतनी बड़ी रकम का गबन बिना किसी उच्च स्तरीय मिलीभगत के संभव नहीं है। विभाग की शिकायत में भी बैंक के उन अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं, जिनकी निगरानी में ये खाते संचालित हो रहे थे। पुलिस अब बैंक के डिजिटल लॉग्स और आरोपियों के निजी बैंक खातों की भी जांच कर रही है।
बीएनएस की नई धाराओं के तहत कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं के तहत शिकंजा कसा है। आरोपियों के खिलाफ निम्नलिखित धाराओं में केस दर्ज किया गया है:
धारा 316(5): आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust)।
धारा 318(4): छल या धोखाधड़ी (Cheating)।
धारा 336(3) व 338: जाली दस्तावेज बनाना और जालसाजी।
धारा 340(2): जाली दस्तावेजों को असली के रूप में इस्तेमाल करना।
धारा 61(2): आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy) रचना।
प्रशासनिक कार्यों पर पड़ सकता है असर
(अपने स्तर से जोड़ा गया तथ्य): उल्लेखनीय है कि क्रैस्ट चंडीगढ़ में सोलर पावर और रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए नोडल एजेंसी है। करोड़ों रुपये की इस राशि का गबन होने से शहर में चल रहे कई सोलर प्रोजेक्ट्स और सब्सिडी वितरण के कार्यों पर असर पड़ सकता है। पुलिस अब गबन की गई इस मोटी राशि की रिकवरी के लिए आरोपियों के बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर रही है।
नोट : इस समाचार में क्रैस्ट की कार्यप्रणाली और बीएनएस की धाराओं का विवरण अतिरिक्त स्पष्टता के लिए जोड़ा गया है।

