चंडीगढ़ में बड़ा फैसला, अपराध पीड़ितों को 10 लाख तक की मदद, एसिड अटैक सर्वाइवर्सको कल से मिलेगी मासिक पेंशन
योजना के तहत पुनर्वास के लिए आर्थिक संबल का प्रावधान
शहर में जघन्य अपराधों का शिकार हुए लोगों के पुनर्वास और आर्थिक मदद के लिए 'चंडीगढ़ पीड़ित सहायता योजना, 2018' एक मजबूत सहारा साबित हो रही है। इस योजना के तहत न केवल 10 लाख रुपये तक के मुआवजे का प्रावधान है, बल्कि अब एसिड अटैक पीड़ितों के लिए मासिक पेंशन की भी शुरुआत की जा रही है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत संचालित यह योजना पीड़ितों को सम्मानजनक जीवन जीने में मदद कर रही है।
एसिड अटैक पीड़ितों के लिए विशेष राहत
प्रशासन के नए नियमों के तहत एसिड अटैक पीड़ितों को बड़ी राहत दी गई है। समाज कल्याण विभाग की अधिसूचना के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 यानी कल से ऐसे पीड़ितों को 10,000 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। इसके अलावा, एसिड अटैक के मामलों में 15 दिनों के भीतर 1 लाख रुपये की अंतरिम राहत और कुल 10 लाख रुपये तक के मुआवजे का प्रावधान है।
विभिन्न श्रेणियों में मुआवजे का ढांचा
योजना के तहत अपराध की गंभीरता के आधार पर मुआवजे की राशि निर्धारित की गई है, जो सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है :
हत्या और यौन शोषण : 5 लाख से 10 लाख रुपये।
गंभीर चोट और जलने के मामले : 2 लाख से 8 लाख रुपये तक।
मानव तस्करी : पीड़ितों के पुनर्वास के लिए 10 लाख रुपये तक।
नाबालिगों के लिए सुरक्षा : अनाथ या नाबालिग पीड़ितों की राशि एफडी (FD) के रूप में सुरक्षित रखी जाती है।
5 साल में 5.56 करोड़ का वितरण
स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (SLSA) चंडीगढ़ के आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में पीड़ितों को कुल 5.56 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 16 पीड़ितों को 77.50 लाख रुपये वितरित किए जा चुके हैं। यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू के मार्गदर्शन में प्रभावी ढंग से लागू की जा रही है। अथॉरिटी ने आम लोगों और स्वयंसेवी संस्थाओं से अपील की है कि वे इस योजना का प्रचार करें ताकि जरूरतमंदों को समय पर कानूनी और आर्थिक मदद मिल सके। आवेदन के लिए पीड़ित जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (DLSA) से संपर्क कर सकते हैं।

