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Chandigarh School Parking: चंडीगढ़ प्रशासन की निजी स्कूलों को अंतिम चेतावनी, पार्किंग बहाल करें वरना होगी सख्त कार्रवाई

Chandigarh School Parking: गर्मी की छुट्टियों के बाद होगी जांच; कई स्कूलों ने पार्किंग स्थल को बना दिया खेल मैदान, स्विमिंग पूल और कमरे

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सांकेतिक फोटो. iStock
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Chandigarh School Parking: चंडीगढ़ प्रशासन ने मंगलवार को निजी स्कूलों को अंतिम चेतावनी जारी करते हुए कहा कि गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने से पहले स्वीकृत पार्किंग क्षेत्रों को मूल स्वरूप में बहाल किया जाए, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उपायुक्त (डीसी) एवं एस्टेट ऑफिसर निशांत कुमार यादव ने बताया कि कई निजी स्कूलों ने स्वीकृत भवन योजनाओं का उल्लंघन करते हुए पार्किंग स्थलों को खेल मैदान, स्विमिंग पूल, गार्ड रूम और अन्य कमरों में बदल दिया है। प्रशासन ने ऐसे सभी मामलों की स्कूलवार पहचान कर ली है और संबंधित स्कूल प्रबंधन को स्वयं सुधार करने का अवसर दिया गया है।

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निजी स्कूलों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में यादव ने स्पष्ट किया कि प्रशासन ने स्वीकृत नक्शों और जमीनी स्थिति की तुलना कर कई प्रमुख स्कूलों में गंभीर अनियमितताएं पाई हैं।

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जांच में सामने आया कि निर्धारित पार्किंग क्षेत्र हटाए जाने से स्कूल परिसरों में वाहनों के लिए पर्याप्त जगह नहीं बची, जिसके कारण अभिभावकों को सड़कों पर वाहन रोकने पड़ते हैं। इससे बच्चों को सड़क पर ही चढ़ने-उतरने के लिए मजबूर होना पड़ता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

प्रशासन ने सभी निजी स्कूलों को निर्देश दिया है कि छात्रों के वाहन से चढ़ने और उतरने की व्यवस्था स्कूल परिसर के भीतर ही की जाए और इसके लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की निगरानी सुनिश्चित की जाए। जिन स्कूलों में आंतरिक पार्किंग की सुविधा है, उन्हें वाहन होल्डिंग एरिया बनाए रखने, पिकअप-ड्रॉप के समय को चरणबद्ध करने तथा वाहनों के लिए अलग प्रवेश और निकास द्वार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्टूडेंट्स के सुरक्षित परिवहन संबंधी नीति (STRAPS) के तहत स्कूलों को खुलने और छुट्टी के समय एकतरफा यातायात व्यवस्था लागू करने को भी कहा गया है, ताकि बच्चों को सड़क पार न करनी पड़े।

डीसी ने चेतावनी दी कि स्वीकृत भवन योजनाओं से किसी भी प्रकार का अनधिकृत निर्माण या विचलन संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई को आमंत्रित करेगा।

गर्मी की छुट्टियों को सुधार अवधि के रूप में निर्धारित किया गया है। स्कूलों को निर्देशों की पुष्टि करने और इस अवधि में सभी अनियमितताओं को दूर करने को कहा गया है। स्कूल खुलने के बाद एस्टेट ऑफिस कार्यालय मौके पर जाकर सत्यापन करेगा और नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों के खिलाफ बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि 28 अप्रैल को जारी नोटिस चंडीगढ़ के सभी 83 निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों—20 अल्पसंख्यक और 63 गैर-अल्पसंख्यक स्कूलों—को भेजा गया था। ये सभी स्कूल सरकार द्वारा रियायती दरों पर आवंटित भूमि पर संचालित हो रहे हैं। प्रशासन इन स्कूलों द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 15 प्रतिशत सीट आरक्षण संबंधी शर्तों के अनुपालन की भी निगरानी कर रहा है।

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