Chandigarh Security : चंडीगढ़ में 60 दिन तक हथियार लेकर निकलने पर होगी जेल, जानिए प्रशासन को क्यों उठाना पड़ा यह सख्त कदम?
जिला मजिस्ट्रेट ने धारा 163 के तहत जारी किए आदेश, 27 मई की मध्यरात्रि से लागू होगी पाबंदी, ड्यूटी पर तैनात पुलिस और सेना के जवानों को मिलेगी छूट।
Chandigarh Security : चंडीगढ़ में कानून व्यवस्था और जन शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। जिला मजिस्ट्रेट निशांत कुमार यादव ने पूरे शहर में 60 दिनों के लिए एक विशेष पाबंदी लगा दी है। यह आदेश 27 मई 2026 की मध्यरात्रि से 25 जुलाई 2026 तक लागू रहेगा। आखिर यह पाबंदी किस तरह के हथियारों पर है और प्रशासन को यह कदम क्यों उठाना पड़ा, इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई है।
इन चीजों को लेकर चलने पर लगी है रोक
जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी इस आपातकालीन आदेश के तहत शहर में किसी भी प्रकार के घातक हथियार लेकर चलने पर पाबंदी लगा दी गई है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया गया है। इसका मतलब है कि अब सार्वजनिक स्थानों पर आग्नेयास्त्र, लाठी, भाला, त्रिशूल, तलवार, चाकू, खंजर, लोहे की रॉड या अन्य कोई घातक हथियार लेकर चलने पर पूरी तरह से रोक रहेगी।
प्रशासन को क्यों लेना पड़ा यह फैसला?
प्रशासन के आदेश में बताया गया है कि असामाजिक तत्वों द्वारा हथियारों के दुरुपयोग से जनता में दहशत फैलने और शांति भंग होने की आशंका थी। सार्वजनिक जीवन में किसी भी तरह की परेशानी, दंगा या लोगों की सुरक्षा को खतरे में पड़ने से रोकने के लिए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।
नियम तोड़ा तो मिलेगी यह सजा
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। आदेश ना मानने वालों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 और अन्य संबंधित कानूनों के तहत तुरंत केस दर्ज किया जाएगा।
क्या इस पाबंदी में किसी को छूट भी है?
इस सख्त आदेश में कुछ लोगों को रियायत दी गई है। ड्यूटी पर तैनात पुलिस, सेना या अर्धसैनिक बलों के जवानों को इस आदेश से छूट रहेगी, लेकिन शर्त यह है कि वे अपनी वर्दी में हों और उनके पास आधिकारिक पहचान पत्र हो। इसके अलावा, जिनके पास वैध हथियार लाइसेंस है या जिन्होंने जिला मजिस्ट्रेट से लिखित अनुमति ली है, उन पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
