सीनेटरों की चांसलर से सीनेट टर्म बढ़ाने की गुहार

सीनेटरों की चांसलर से सीनेट टर्म बढ़ाने की गुहार

जोगिंद्र सिंह/ट्रिन्यू

चंडीगढ़, 29 अक्तूबर

पंजाब विश्वविद्यालय के 37 सीनेटरों ने आज चांसलर एवं देश के उप राष्ट्रपति एम वैंकेया नायडू को एक पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि जब तक नई सीनेट का गठन नहीं हो जाता तब तक मौजूदा सीनेट के कार्यकाल को बढ़ा दिया जाये। सीनेट का कार्यकाल इसी माह 31 अक्तूबर को समाप्त होने जा रहा है। कोविड-19 महामारी के चलते अगस्त माह में होने वाले चुनाव करीब एक हफ्ते पहले दो माह के लिये टाल दिये गये थे। हालांकि अब दो माह से ज्यादा का वक्त हो गया मगर यूटी प्रशासक ने चुनाव कराने के लिये कोई नई तारीख नहीं दी है।

सीनेटर यूटी प्रशासक व पंजाब के राज्यपाल और पंजाब के मुख्यमंत्री को भी इस संबंध में लिख चुके हैं मगर अभी तक कहीं से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। नवदीप गोयल व अशोक गोयल सहित कुल 37 सीनेटरों ने लिखा है कि चुनाव प्रक्रिया बाधित होने से पीयू के सभी काम रुक गये हैं। पीयू के कैलेंडर के मुताबिक सीनेट और सिंडिकेट यूनिवर्सिटी की सुप्रीम बॉडी हैं। पीयू एक्ट की धारा 11 कहती है कि सीनेट का काम पूरे प्रबंधन का और यूनिवर्सिटी की प्रॉपर्टी, मामलों और चिंताओं की देखरेख करना, समय-समय पर नये नियमों-विनियमों और स्टैचुएट के अनुसार संचालन करना है।

आपात स्थिति में कुलपति को निर्णय लेने की छूट

इस हिसाब से पीयू बिना किसी बॉडी के काम नहीं कर सकती है हालांकि कुलपति को आपात हालात में कुछ निर्णय लेने की छूट का भी कैलेंडर में प्रावधान है मगर यह अनिश्चितकाल के लिये नहीं हो सकता। इन सीनेटरों ने चांसलर से गुहार लगायी है कि पीयू और इसके हितधारकों के लिये आप मौजूदा सीनेट के कार्यकाल को नई सीनेट के गठन होने तक का बढ़ा दें। दो दिन पहले इस बारे में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह को भी दखल देने का आग्रह किया गया था। 

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