Digital Census Chandigarh : चंडीगढ़ में जनगणना-2027 का रोडमैप तैयार: 16 अप्रैल से शुरू होगा महाभियान, दो चरणों में पूरा होगा काम
निदेशक और डीसी ने साझा की पूरी योजना, जानें पोर्टल पर कैसे करें स्व-गणना और क्या है रेफरेंस नंबर का महत्व
Digital Census Chandigarh : देश के विकास की नई नींव रखने वाली जनगणना-2027 का शंखनाद चंडीगढ़ में हो गया है। मंगलवार को सेक्टर-17 स्थित उपायुक्त कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनगणना संचालन निदेशक डॉ. नवजोत खोसा (IAS) और उपायुक्त निशांत कुमार यादव (IAS) ने इस राष्ट्रीय महाभियान का आधिकारिक रोडमैप और डिजिटल पोर्टल का लिंक साझा किया।
गृह मंत्रालय के अधीन होने वाली इस बार की जनगणना पूरी तरह पेपरलेस होगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि शिक्षित और तकनीक के प्रति जागरूक नागरिकों वाला यह ट्राई सिटी क्षेत्र स्व-गणना के मामले में पूरे देश के लिए एक रोल मॉडल बने। इसके लिए नागरिक भारत सरकार के आधिकारिक जनगणना पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी साझा कर सकते हैं।
जनगणना का सीधा लिंक और समय सारणी![]()
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिक अपनी जानकारी दर्ज करने के लिए सीधे गृह मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल पर जा सकते हैं।
आधिकारिक लिंक: https://censusindia.gov.in/
महत्वपूर्ण तिथियां:
स्व-गणना (Self-Enumeration): 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक।
घर-घर सर्वे (Houselisting): 1 मई से 30 मई 2026 तक।
स्टेप-बाय-स्टेप: पोर्टल पर कैसे करें पंजीकरण?![]()
आम नागरिकों को किसी प्रकार की तकनीकी परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन ने एक सरल प्रक्रिया निर्धारित की है। पोर्टल पर पंजीकरण और डेटा फीड करने की प्रक्रिया मात्र 15 से 30 मिनट में पूरी की जा सकती है:
पोर्टल ओपन करें: सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में censusindia.gov.in टाइप करें।
सेल्फ इन्युमरेशन लिंक: होम पेज पर आपको 'Self Enumeration 2027' या 'स्व-गणना 2027' का एक हाईलाइटेड लिंक दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।
मोबाइल रजिस्ट्रेशन: अपना सक्रिय मोबाइल नंबर दर्ज करें। आपके नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, जिसे भरने के बाद आपका पोर्टल सत्र शुरू हो जाएगा।
परिवार का विवरण: लॉगिन के बाद परिवार के मुखिया को अपने घर के सदस्यों की संख्या और वहां उपलब्ध सुविधाओं से जुड़े बुनियादी सवालों के जवाब देने होंगे।
33 सवालों की प्रश्नावली: स्क्रीन पर एक-एक कर मकान सूचीकरण से जुड़े सवाल आएंगे। अधिकांश सवालों के जवाब आपको दिए गए विकल्पों में से चुनने होंगे।
सबमिट और रेफरेंस नंबर: पूरी जानकारी भरने के बाद 'फाइनल सबमिट' बटन दबाएं। इसके तुरंत बाद आपके मोबाइल पर एक यूनिक रेफरेंस नंबर आएगा। इस नंबर का स्क्रीनशॉट ले लें या इसे कहीं नोट कर लें।
जब मई के महीने में गणना कर्मचारी आपके घर आएंगे, तो आपको फिर से लंबी जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी। आपको बस अपना वह रेफरेंस नंबर दिखाना होगा। कर्मचारी अपने टैबलेट में उस नंबर को फीड करेंगे और आपका डेटा स्वतः सत्यापित (Verify) हो जाएगा।
मकान सूचीकरण: आपसे पूछे जाएंगे ये 33 सवाल
जनगणना के इस पहले चरण में मुख्य रूप से आपके घर की स्थिति और वहां उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं पर जोर दिया गया है। पोर्टल पर या प्रगणक के आने पर आपको निम्नलिखित 33 सवालों के जवाब देने होंगे:
भवन नंबर: नगर पालिका या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा आवंटित नंबर।
जनगणना मकान नंबर: गणना के लिए निर्धारित नंबर।
फर्श की सामग्री: फर्श किस चीज से बना है (मिट्टी, ईंट, पत्थर, कंक्रीट या टाइल्स)।
दीवार की सामग्री: दीवारें किस सामग्री की हैं (मिट्टी, ईंट, पत्थर, सीमेंट या लकड़ी)।
छत की सामग्री: छत में इस्तेमाल सामग्री (ईंट, टाइल, लोहा या कंक्रीट)।
मकान का उपयोग: मकान का मुख्य उपयोग (केवल आवासीय, आवासीय सह व्यावसायिक या अन्य)।
मकान की स्थिति: मकान अच्छी हालत में है, रहने योग्य है या जर्जर है।
परिवार का नंबर: एक मकान में रहने वाले परिवारों की संख्या।
व्यक्तियों की संख्या: परिवार में कुल कितने सदस्य हैं।
मुखिया का नाम: परिवार के मुखिया का नाम क्या है।
मुखिया का लिंग: पुरुष, महिला या अन्य।
श्रेणी: क्या मुखिया अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) से संबंधित है।
स्वामित्व: मकान अपना है या किराए का।
कमरों की संख्या: परिवार के पास रहने के लिए कुल कितने कमरे हैं।
विवाहित जोड़े: परिवार में कितने विवाहित जोड़े रहते हैं।
पीने का पानी: पानी का मुख्य स्रोत (नल, हैंडपंप, ट्यूबवेल या कुआं)।
पानी की दूरी: क्या पानी परिसर के भीतर उपलब्ध है, पास में है या दूर जाना पड़ता है।
रोशनी का स्रोत: मुख्य रूप से बिजली, सोलर या अन्य।
शौचालय सुविधा: घर में शौचालय उपलब्ध है या नहीं।
शौचालय का प्रकार: शौचालय किस तरह का है (फ्लश या अन्य)।
निकासी व्यवस्था: गंदे पानी की निकासी के लिए ड्रेनेज या सीवरेज सिस्टम।
स्नान सुविधा: घर के भीतर बाथरूम की उपलब्धता।
रसोई घर: अलग रसोई है या नहीं और क्या वहां एलपीजी (LPG) कनेक्शन है।
ईंधन: खाना पकाने के लिए मुख्य रूप से क्या उपयोग होता है (गैस, बिजली, कोयला या लकड़ी)।
रेडियो/ट्रांजिस्टर: सूचना का यह साधन उपलब्ध है या नहीं।
टेलीविजन: घर में टीवी की उपलब्धता।
इंटरनेट: क्या परिवार के पास सक्रिय इंटरनेट कनेक्शन है।
लैपटॉप/कंप्यूटर: घर में कंप्यूटर या लैपटॉप है या नहीं।
फोन: मोबाइल फोन या लैंडलाइन फोन की उपलब्धता।
साइकिल: परिवार के पास साइकिल है या नहीं।
दोपहिया: स्कूटर, मोटरसाइकिल या मोपेड।
चौपहिया: कार, जीप या वैन।
मुख्य अनाज: परिवार मुख्य रूप से खाने में क्या उपयोग करता है (गेहूं, चावल आदि)।
डेटा सुरक्षा और महत्व: क्या कहते हैं अधिकारी?
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि नागरिकों को डेटा की सुरक्षा को लेकर चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। गृह मंत्रालय द्वारा संचालित यह पोर्टल पूरी तरह सुरक्षित है और नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी को 'जनगणना अधिनियम' के तहत गोपनीय रखा जाएगा।
यह जनगणना क्यों जरूरी है?
विकास की योजना: इस डेटा से तय होगा कि चंडीगढ़ के किस सेक्टर में नए स्कूल, पार्क या अस्पतालों की जरूरत है।
बजट आवंटन: आबादी और सुविधाओं के आधार पर ही केंद्र सरकार विकास कार्यों के लिए फंड जारी करती है।
स्मार्ट सिटी नियोजन: इंटरनेट और वाहनों के आंकड़ों से भविष्य के ट्रैफिक और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
जनगणना संचालन निदेशक डॉ. नवजोत खोसा ने कहा कि 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक का समय चंडीगढ़ के नागरिकों के लिए अपनी जागरूकता दिखाने का है। प्रशासन ने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और स्थानीय संगठनों से अपील की है कि वे बुजुर्गों और तकनीकी रूप से कम दक्ष लोगों को पोर्टल पर जानकारी भरने में मदद करें।
याद रखें, आपकी दी गई एक-एक जानकारी चंडीगढ़ के अगले 10 सालों के विकास का आधार बनेगी। 16 अप्रैल को censusindia.gov.in पर जाएं और अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

