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शाखा प्रबंधक को 4 साल की सजा, 20 हजार जुर्माना

विजिलेंस ब्यूरो द्वारा खरड़ स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) की शाखा प्रबंधक चंद्र मोहिनी को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किए जाने के मामले में अदालत ने सजा सुना दी है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र...

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विजिलेंस ब्यूरो द्वारा खरड़ स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) की शाखा प्रबंधक चंद्र मोहिनी को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किए जाने के मामले में अदालत ने सजा सुना दी है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीतिका वर्मा की अदालत ने सुनवाई के बाद दोषी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत चार साल की कठोर कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सरकारी पक्ष की ओर से जिला अटार्नी मनजीत सिंह (विजिलेंस इंटेलिजेंस) ने पैरवी की। अभियोजन के अनुसार गांव सिंहपुरा निवासी सुखविंदर कौर ने विजिलेंस को शिकायत दी थी कि उसके पति महिंदर सिंह, जो फोकल प्वाइंट चनालों (कुराली) स्थित एक कंपनी में वेल्डिंग का काम करते थे, ड्यूटी के दौरान गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दोनों पैरों की हड्डियां टूटने के कारण वह काम करने में असमर्थ हो गए और उनका इलाज पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा था। शिकायतकर्ता के मुताबिक, पति का पंजीकरण ईएसआईसी खरड़ में था और चिकित्सकीय प्रमाण के आधार पर उन्हें वेतन मिलना था। अप्रैल और मई 2021 का भुगतान न मिलने पर जब वह शाखा प्रबंधक से मिली तो आरोपी ने प्रति माह 5 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। दो माह की राशि के लिए 10 हजार रुपये देने का दबाव बनाया गया और भुगतान न करने पर फॉर्म रद्द करने की धमकी दी गई। शिकायत पर विजिलेंस ने जून 2021 में जाल बिछाया और दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी को 10 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था। अदालत के फैसले के बाद दोषी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

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