BRAIN WAVES–2026 : जब हर सेकंड तय करता है नतीजा, न्यूरो आपात देखभाल में पीजीआई और सेना की संयुक्त पहल
पीजीआई में हैंड्स ऑन वर्कशॉप में रियल टाइम ट्रेनिंग
न्यूरोलॉजिकल आपात स्थितियों में समयबद्ध और समन्वित उपचार को मजबूत करने के उद्देश्य से BRAIN WAVES–2026 राष्ट्रीय न्यूरो क्रिटिकल केयर समिट का आयोजन पीजीआई चंडीगढ़ में किया गया। दो दिवसीय इस समिट में देशभर से करीब 300 डॉक्टर और नर्सिंग पेशेवर शामिल हुए, जिनमें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के 16 संस्थानों, सशस्त्र बलों और सिविल सेवाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
क्लिनिकल उत्कृष्टता और सैन्य अनुशासन का संगम![]()
समिट के मुख्य अतिथि पीजीआई के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने कहा कि पीजीआईएमईआर और सशस्त्र बलों के बीच सहयोग केवल संस्थागत साझेदारी नहीं, बल्कि क्लिनिकल उत्कृष्टता और सैन्य चिकित्सा अनुशासन का सशक्त संगम है। उन्होंने कहा कि न्यूरो क्रिटिकल आपात स्थितियों में सटीक निर्णय, त्वरित प्रतिक्रिया और निर्बाध टीमवर्क निर्णायक भूमिका निभाते हैं। गोल्डन आवर में हर सेकंड जीवन और स्थायी विकलांगता के बीच फर्क तय कर सकता है। सेना चिकित्सा सेवाओं का अनुशासन, नवाचार और तेज प्रतिक्रिया अनुभव नागरिक स्वास्थ्य प्रणाली को भी मजबूत कर रहा है।
देशभर से 300 प्रतिनिधि, गोल्डन आवर पर मंथन
पीजीआईएमईआर की मेजबानी में आयोजित इस समिट में सोसाइटी फॉर इमरजेंसी, ट्रॉमा एंड डिजास्टर, सोसाइटी फॉर क्रिटिकल केयर नर्सिंग, स्ट्रोक सर्विसेज और न्यूरोलॉजी विभाग की भागीदारी रही। भारत सरकार के BHISHM प्रोजेक्ट ने इसे अकादमिक समर्थन दिया। समिट का केंद्रीय विषय ‘गोल्डन आवर एंड बियॉन्ड: न्यूरो इमरजेंसी में समय के खिलाफ दौड़’ रहा। अकादमिक सत्रों में स्ट्रोक, न्यूरोट्रॉमा और अन्य समय-संवेदी न्यूरोलॉजिकल स्थितियों में प्रमाण आधारित उपचार, आपात प्रतिक्रिया प्रणालियों और अंतर-क्षेत्रीय समन्वय पर विस्तार से चर्चा हुई।
समिट को प्रो. धीरज खुराना, मेजर जनरल हरकीरत सिंह, डॉ. नवदीप और डॉ. रमन शर्मा सहित कई वरिष्ठ विशेषज्ञों ने संबोधित किया। वक्ताओं ने बताया कि अस्पताल के भीतर के उपचार के साथ-साथ प्री हॉस्पिटल केयर, त्वरित ट्रांसपोर्ट और प्रशासनिक तालमेल न्यूरो इमरजेंसी के नतीजों को सीधे प्रभावित करते हैं।
हैंड्स ऑन वर्कशॉप ने बढ़ाया व्यावहारिक कौशल
समिट की प्रमुख पहचान तीन उन्नत हैंड्स ऑन वर्कशॉप रहीं। स्ट्रोक सिमुलेशन वर्कशॉप में आईवी थ्रोम्बोलाइसिस के जरिए समयबद्ध उपचार का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। ट्रॉमा और न्यूरोसर्जिकल वर्कशॉप में आपात सर्जिकल निर्णय, टीम समन्वय और स्थिरीकरण प्रोटोकॉल पर अभ्यास कराया गया। इसके साथ बाल और नवजात न्यूरो क्रिटिकल केयर वर्कशॉप में आईसीयू स्तर पर बच्चों और नवजातों में आने वाली जटिल न्यूरोलॉजिकल चुनौतियों पर फोकस किया गया।
अकादमिक गहराई, व्यावहारिक प्रशिक्षण और नागरिक सैन्य सहयोग की मजबूत भावना के साथ BRAIN WAVES–2026 का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि पीजीआईएमईआर और सशस्त्र बल मिलकर देश में आपात न्यूरोलॉजिकल देखभाल को अधिक तेज, समन्वित और प्रभावी बनाएंगे, ताकि समय पर हस्तक्षेप से अधिक जीवन बचाए जा सकें और विकलांगता को कम किया जा सके।

