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Blood Donation Drive शहीदी जोड़मेले पर 323वां रक्तदान शिविर, 82 स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने किया रक्तदान

पीजीआई के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग और थैलेसीमिया चैरिटेबल ट्रस्ट ने संयुक्त रूप से किया आयोजन

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Blood Donation Drive शहीदी जोड़मेला के पावन अवसर पर गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर साहिब, सेक्टर 34 में मानव सेवा की भावना उस समय सशक्त रूप में सामने आई, जब पीजीआई के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग और थैलेसीमिया चैरिटेबल ट्रस्ट ने संयुक्त रूप से 323वां रक्तदान शिविर आयोजित किया। इस सेवा अभियान में रहमत फाउंडेशन का भी सक्रिय सहयोग रहा।

यह रक्तदान शिविर केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन थैलेसीमिया मरीजों और गंभीर रोगियों के लिए उम्मीद का सहारा बना, जिन्हें नियमित अंतराल पर रक्त की आवश्यकता होती है। इसी उद्देश्य से शिविर को समर्पित किया गया। रक्तदाताओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे, वहीं थैलेसीमिया रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक अलग सूचना डेस्क भी स्थापित की गई।

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शिविर के दौरान नगर निगम की मेयर हरप्रीत कौर बबला सहित शहर की कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने पहुंचकर रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाया। अतिथियों ने रक्तदान करने वालों को उपहार और प्रशंसा बैज देकर सम्मानित किया और मानव सेवा के इस प्रयास की सराहना की।

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इस सेवा अभियान में 82 स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने आगे आकर रक्तदान किया, जिससे कई जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवन का भरोसा मजबूत हुआ।

शिविर का संचालन पीजीआईएमईआर के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉक्टर रत्ती राम शर्मा के मार्गदर्शन और डॉक्टर पुनीत कौर की देखरेख में विभागीय टीम द्वारा सुचारु रूप से किया गया।

इस अवसर पर प्रोफेसर डॉक्टर रत्ती राम शर्मा और थैलेसीमिया चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्य सचिव राजिंदर कालरा ने कहा कि थैलेसीमिया मरीजों को हर 15 से 20 दिन में नियमित रूप से रक्त चढ़ाने की जरूरत होती है, ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान उनके जीवन को निरंतर बनाए रखने की सबसे मजबूत कड़ी है। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से ही न केवल थैलेसीमिया मरीजों बल्कि अन्य गंभीर रोगियों को भी समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकता है।

उन्होंने सभी रक्तदाताओं, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की टीम और थैलेसीमिया चैरिटेबल ट्रस्ट पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे सेवा अभियानों को जारी रखने की अपील की।

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