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बड़ी राहत : चंडीगढ़ के सरकारी विभागों में अग्निवीरों की एंट्री आसान, 20% आरक्षण को मिली हरी झंडी

जेल और पुलिस जैसे अनुशासित विभागों को प्रशिक्षित व कुशल मैनपावर होगी प्राप्त

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चंडीगढ़ प्रशासन ने देश की सेवा कर लौटने वाले अग्निवीरों के पुनर्वास की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया है। पंजाब के राज्यपाल और यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कारागार विभाग (Prison Department) में जेल वार्डर (ग्रुप-सी) के पदों पर होने वाली सीधी भर्ती में भूतपूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत क्षैतिज (Horizontal) आरक्षण को स्वीकृति दे दी है। यह निर्णय भारत सरकार के गृह एवं सहकारिता मंत्री द्वारा प्राप्त पत्र के अनुपालन और प्रचलित भर्ती नियमों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

इन विभागों में सुरक्षित होगा अग्निवीरों का भविष्य

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प्रशासक के इस फैसले के बाद अब चंडीगढ़ के प्रमुख सुरक्षा और सेवा विभागों में अग्निवीरों के लिए कोटे का रास्ता साफ हो गया है:

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कारागार विभाग: जेल वार्डर (ग्रुप-सी) के पदों पर 20% आरक्षण।

चंडीगढ़ पुलिस: कांस्टेबल (एग्जीक्यूटिव, वायरलेस और IRB) के पदों पर 20% आरक्षण।

फायर सर्विसेज: चंडीगढ़ फायर एंड रेस्क्यू विभाग के पात्र पदों पर 20% आरक्षण।

वन विभाग: चंडीगढ़ फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के पदों पर भी 20% आरक्षण का लाभ।

क्यों अहम है यह फैसला?

प्रशासन का यह कदम उन युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलेगा जो चार साल की सैन्य सेवा के बाद नागरिक जीवन में लौटेंगे। इससे न केवल अग्निवीरों को सम्मानजनक रोजगार मिलेगा, बल्कि जेल और पुलिस जैसे अनुशासित विभागों को प्रशिक्षित और कुशल मैनपावर प्राप्त होगी।

यूटी प्रशासन के अनुसार, यह निर्णय राष्ट्र सेवा के प्रति अग्निवीरों के समर्पण का सम्मान करने और उनके पुनर्वास को सुगम बनाने की उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस मंजूरी के साथ ही अब संबंधित विभागों में भर्ती नियमों के संशोधन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है, ताकि आगामी विज्ञापनों में इस कोटे को शामिल किया जा सके।

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