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Bharat Bandh: नए लेबर कोड के खिलाफ राष्ट्रव्यापी बंद, कई सेवाओं पर असर

Bharat Bandh: नए श्रम कानूनों के विरोध में ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन सहित विभिन्न केंद्रीय श्रमिक संगठन देशव्यापी एक दिवसीय हड़ताल में शामिल हो रहे हैं। चंडीगढ़ के सेक्टर-17 समेत देश के कई शहरों में बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन...

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चंडीगढ़ सेक्टर-17 में हड़ताल में शामिल कर्मचारी। ट्रिब्यून
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Bharat Bandh: नए श्रम कानूनों के विरोध में ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन सहित विभिन्न केंद्रीय श्रमिक संगठन देशव्यापी एक दिवसीय हड़ताल में शामिल हो रहे हैं। चंडीगढ़ के सेक्टर-17 समेत देश के कई शहरों में बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर सरकार से लेबर लॉ वापस लेने की मांग की।

संयुक्त मंच का दावा है कि 30 करोड़ श्रमिक इस आम हड़ताल से जुड़े हैं। बैंकिंग, बीमा, डाक, परिवहन और बिजली सेवाओं पर आंशिक असर पड़ा है। केरल में जनजीवन प्रभावित रहा, जबकि पंजाब में आम आदमी पार्टी ने हड़ताल को समर्थन दिया। श्रमिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

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केंद्रीय श्रमिक संगठनों के एक संयुक्त मंच से जुड़े कर्मचारी एवं श्रमिक केंद्र सरकार की '' मजदूर विरोधी, किसान विरोधी और राष्ट्र विरोधी कॉरपोरेट समर्थक नीतियों को लेकर अपना विरोध'' दिखाने के लिए बृहस्पतिवार को एक दिवसीय हड़ताल पर हैं। संयुक्त मंच ने दावा किया कि अन्य मुद्दों के साथ-साथ नए श्रम कानूनों के विरोध में 30 करोड़ श्रमिकों को ''आम हड़ताल'' के लिए लामबंद किया जा रहा है।

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'ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस' की महासचिव अमरजीत कौर ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि देशभर में आम हड़ताल बृहस्पतिवार सुबह से शुरू हो गई। उन्हें असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, ओडिशा और बिहार सहित कई राज्यों से हड़ताल की खबरें मिली हैं। कौर ने कहा कि बैंकिंग, बीमा, डाक, परिवहन, स्वास्थ्य, कोयला और गैर-कोयला खदानें, गैस पाइपलाइन और बिजली क्षेत्र इस हड़ताल से प्रभावित होंगे।

उन्होंने कहा कि किसान संगठनों द्वारा भी अपने-अपने क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। श्रमिक संगठनों की तात्कालिक मांगों में चार श्रम संहिताओं एवं नियमों को रद्द करना, बीज विधेयक और विद्युत संशोधन विधेयक तथा 'सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (शांति) अधिनियम' को वापस लेना शामिल है।

श्रम संघ मनरेगा की बहाली और 'विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025' को रद्द करने की भी मांग कर रहे हैं। संयुक्त मंच में इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (आईएनटीयूसी), ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआईटीयूसी), हिंद मजदूर सभा (एचएमएस), सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीआईटीयू), ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (एआईयूटीयूसी), स्वरोजगार महिला संघ (सेवा), ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन (एआईसीसीटीयू), लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन (एलपीएफ) और यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस (यूटीयूसी) शामिल हैं।

श्रमिक संगठनों की हड़ताल से केरल में जनजीवन प्रभावित

केंद्र की श्रम संहिताओं के विरोध में श्रमिक संगठनों द्वारा बृहस्पतिवार को आहूत राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण केरल में जनजीवन प्रभावित हुआ और कई स्थानों पर सामान्य गतिविधियां ठप हो गईं। राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि हड़ताल के कारण किसी भी कर्मचारी या अधिकारी की अनधिकृत अनुपस्थिति को 'डाइज-नॉन' माना जाएगा।

'डाइज-नॉन' उस दिन को संदर्भित करता है, जब कोई कर्मचारी बिना उचित अनुमति के अनुपस्थित रहता है। आदेश के अनुसार, जो कर्मचारी या अधिकारी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होंगे, उनके वेतन से हड़ताल वाले दिन का वेतन काट लिया जाएगा। इस आदेश के बावजूद परिवहन सेवाएं सड़कों से नदारद रहने के कारण सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति कम रहने की संभावना है। राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों को व्यक्तिगत बीमारी, निकट संबंधी की बीमारी, परीक्षा, मातृत्व अवकाश या अन्य अपरिहार्य कारणों को छोड़कर अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा।

चौबीस घंटे की इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण सरकारी कार्यालयों के अलावा दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के भी बंद रहने की संभावना है। हड़ताल के कारण परिवहन सेवाएं प्रभावित हुई हैं और केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) तथा निजी बसें सड़कों से नदारत रहीं। ऑटो-रिक्शा यूनियन ने भी हड़ताल के दौरान सेवाएं नहीं देने की घोषणा की।

कोच्चि में एक यात्री ने संवाददाताओं से कहा, "मैं रात की ड्यूटी के बाद सुबह छह बजे से कंजिरामट्टोम लौटने के लिए केएसआरटीसी बस का इंतजार कर रहा हूं, लेकिन कोई बस नहीं चल रही है। कुछ और घंटे इंतजार करने के बाद मैं रेलवे स्टेशन जाकर लोकल ट्रेन से अपने गंतव्य तक पहुंचने की कोशिश करूंगा।"

अन्य राज्यों से विभिन्न रेलवे स्टेशन पर पहुंचने वाले यात्री भी प्रभावित हुए। कुछ स्टेशन पर फंसे यात्रियों की सहायता के लिए पुलिस ने बसों की व्यवस्था की। इस बीच, शबरिमला मंदिर में मीनम माह की पूजा के लिए बृहस्पतिवार शाम को कपाट खुलने के मद्देनजर केएसआरटीसी अधिकारियों ने बताया कि तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए तिरुवनंतपुरम, चेंगन्नूर, कोट्टायम, पथानमथिट्टा और तिरुवल्ला से पंपा तक कुछ बस सेवाएं संचालित की जाएंगी।

कोच्चि मेट्रो और ऑनलाइन टैक्सी सेवाएं चालू रहीं, जिससे शहर में यात्रियों को आंशिक राहत मिली। सुबह तक हड़ताल के संबंध में किसी प्रकार की हिंसा की सूचना नहीं मिली थी, हालांकि किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए राज्यभर में पुलिस बल तैनात किया गया है। श्रमिक संगठनों ने कहा कि सभी जिलों में रैलियां और बैठकें आयोजित की जाएंगी।

आप ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल के आह्वान को समर्थन दिया

चंडीगढ़, 12 फरवरी (भाषा) पंजाब की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने विभिन्न केंद्रीय श्रमिक एवं किसान संगठनों द्वारा 12 फरवरी को बुलाई गई राष्ट्रव्यापी हड़ताल को अपना समर्थन दिया है। आप ने बुधवार को एक बयान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की ''मजदूर विरोधी नीतियों और किसान विरोधी आर्थिक निर्णयों'' की निंदा की। पार्टी ने घोषणा की कि पंजाब और देश के बाकी हिस्सों में उसके कार्यकर्ता श्रमिकों और किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बंद में शामिल होंगे।

केंद्रीय श्रमिक संगठनों के एक संयुक्त मंच ने सरकार की ''मजदूर विरोधी'' नीतियों के विरोध में बृहस्पतिवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने किसानों से श्रमिक संगठन के कार्यकर्ताओं की हड़ताल में शामिल होने का आह्वान किया है। आप ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल को समर्थन देते हुए कहा कि यह प्रदर्शन देश भर में लाखों मेहनतकश लोगों के न्याय, गरिमा और अधिकारों के लिए एक व्यापक संघर्ष का प्रतिनिधित्व करता है। पार्टी ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने नए श्रम कानूनों को लागू करके श्रमिकों के अधिकारों पर सीधा हमला किया है।

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