Bank Strike : पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग पर देशभर में बैंक हड़ताल, चंडीगढ़ में प्रदर्शन
Bank Strike : यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर आज देशभर में बैंक कर्मियों ने पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह की तत्काल लागू करने की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल और प्रदर्शन किए। हड़ताल...
Bank Strike : यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर आज देशभर में बैंक कर्मियों ने पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह की तत्काल लागू करने की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल और प्रदर्शन किए। हड़ताल के चलते सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, कई निजी बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक पूरी तरह बंद रहे। चंडीगढ़ के सेक्टर 17 स्थित बैंक स्क्वायर में विशाल धरना दिया गया, जहां कर्मचारियों और अधिकारियों ने एक स्वर में कार्य-जीवन संतुलन और मानवीय कार्य परिस्थितियों की मांग उठाई।
देशभर में व्यापक असर
हड़ताल का असर सभी प्रमुख बैंकिंग केंद्रों पर देखा गया। नकद लेन-देन, चेक क्लियरेंस और शाखा आधारित सेवाएं ठप रहीं। प्रदर्शनकारियों ने तख्तियों और वक्तव्यों के माध्यम से यह संदेश दिया कि उनकी मांग न केवल कर्मचारियों के हित में है, बल्कि मजबूत और टिकाऊ बैंकिंग व्यवस्था के लिए भी आवश्यक है।
मार्च 2024 की सहमति, फिर भी अधिसूचना लंबित
UFBU नेताओं ने बताया कि मार्च 2024 में वेतन संशोधन वार्ताओं के दौरान भारतीय बैंक संघ और UFBU के बीच पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी थी। इसके बावजूद सरकारी स्वीकृति और औपचारिक अधिसूचना में लगातार देरी हो रही है। नेताओं के अनुसार, पूर्व में तीन बार हड़ताल के आह्वान को आश्वासनों के आधार पर स्थगित किया गया, लेकिन इस बार कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
डिजिटल दौर में छह-दिवसीय व्यवस्था पर सवाल
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बैंक कर्मी लंबे कार्य घंटे, बढ़ते लक्ष्य और सप्ताहांत व छुट्टियों में बार-बार ड्यूटी के दबाव से जूझ रहे हैं। जब अधिकांश नियमित लेन-देन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हो रहे हैं, तब छह-दिवसीय कार्य सप्ताह पर जोर देना अव्यावहारिक और कर्मचारियों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है।
जनसेवा के विरोध में नहीं, न्याय की मांग
UFBU ने स्पष्ट किया कि बैंक कर्मचारी जनता को सेवा देने के विरोधी नहीं हैं। शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से आयोजित इस हड़ताल का उद्देश्य न्यायसंगत, टिकाऊ और मानवीय कार्य परिस्थितियों की मांग करना है, जिससे दीर्घकाल में बैंकिंग प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी। बैंकिंग सेवाओं में व्यवधान के लिए जिम्मेदारी निर्णय प्रक्रिया में हो रही देरी की है।
सरकार से त्वरित निर्णय की अपील
UFBU नेताओं ने भारत सरकार से अपील की कि बैंकों में पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह को बिना किसी और विलंब के स्वीकृत, लागू और अधिसूचित किया जाए। साथ ही दोहराया कि मांग पूरी होने तक आंदोलनात्मक कार्यक्रम जारी रहेंगे।
धरने में प्रियव्रत, इक़बाल माल्हि, जगदीश राय, ऋषि उपाध्याय, पंकज शर्मा, सचिन कटियार, बिनय सिन्हा, संजय महाजन, मुकेश कुमार, क्रांति, कौशल, ग़ुरबक्ष सिंह, शीना हूडा, मंजू शर्मा, प्रेम पवार, विनय कुमार, जसबीर सिंह, गौरब शर्मा, वालिया सहित अनेक बैंक कर्मी मौजूद रहे।

