बैसाखी उत्सव : कलाग्राम में बिखरी पंजाबी संस्कृति की छटा, झूमे दर्शक
केंद्र सरकार के नॉर्थ जोन कल्चरल सेंटर की ओर से आयोजित बैसाखी उत्सव का रविवार को कलाग्राम में उत्साह और उल्लास के साथ शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय इस आयोजन में पंजाब की समृद्ध लोक परंपराओं और रंग-बिरंगी सांस्कृतिक विरासत की...
केंद्र सरकार के नॉर्थ जोन कल्चरल सेंटर की ओर से आयोजित बैसाखी उत्सव का रविवार को कलाग्राम में उत्साह और उल्लास के साथ शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय इस आयोजन में पंजाब की समृद्ध लोक परंपराओं और रंग-बिरंगी सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक देखने को मिली।
उत्सव के पहले दिन प्रो. मेजर सिंह (संगरूर) ने अपने सुमधुर पंजाबी लोक गायन से दर्शकों का मन मोह लिया। पारंपरिक लोक वाद्यों की मधुर धुनों और मलवाई गिद्धा की आकर्षक प्रस्तुति कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। इसके साथ ही विभिन्न कलाकारों ने पंजाब की लोक विधाओं का शानदार प्रदर्शन किया।
गतका, जिंदुआ, लुड्डी और भांगड़ा जैसी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। बाजीगर कला, घूमर, फाग और भांड-मिरासी जैसी पारंपरिक प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का मनोरंजन किया।
र्यक्रम का संचालन संजीव शाद ने किया। एनजेडसीसी के निदेशक फुरकान खान ने कहा कि यह उत्सव न केवल बैसाखी के उल्लास को साझा करता है, बल्कि नयी पीढ़ी को समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। सोमवार शाम 6 बजे से शमींदर शम्मी और देश राज लचखानी द्वारा ढाड़ी फोक की विशेष प्रस्तुति भी दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी।
