Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

 Army Discipline : जवान की जांच में हस्तक्षेप का आरोप, राजपूताना राइफल्स सेंटर से जुड़े कर्नल तीन महीने निलंबित

आर्मी एक्ट के तहत कुल 12 आरोप लगे

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

Indian Army ने पेशेवर कदाचार और गंभीर अनियमितताओं के आरोपों में राजपूताना राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर से जुड़े एक कर्नल को तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया है। सेना ने उनके खिलाफ औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

सेना सूत्रों के अनुसार, संबंधित अधिकारी इससे पहले राजस्थान में तैनात एक इन्फैंट्री यूनिट की कमान संभाल चुका है। उसके खिलाफ आर्मी एक्ट की धारा 63 के तहत 10 आरोप लगाए गए हैं, जो सैन्य अनुशासन और सुव्यवस्था के प्रतिकूल आचरण से जुड़े हैं। धारा 54 के तहत 2 आरोप अधिकारी पद की गरिमा के अनुरूप न होने वाले व्यवहार से संबंधित हैं।

Advertisement

कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी में गंभीर टिप्पणियां

आरोपों की जांच के लिए गठित कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी ने कर्नल को कई मामलों में दोषी ठहराया है। जांच में यह भी सामने आया कि उसने मिलिट्री पुलिस द्वारा एक जवान के खिलाफ चल रही जांच में हस्तक्षेप किया। इसे सेना के अनुशासनात्मक ढांचे में गंभीर उल्लंघन माना गया है।

Advertisement

जनरल कोर्ट मार्शल की दिशा में बढ़ी प्रक्रिया

कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी की रिपोर्ट के आधार पर सेना ने कर्नल को रेजिमेंटल सेंटर से अटैच किया है, ताकि आगे की कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सके। इस दौरान आरोपों की सुनवाई और समरी ऑफ एविडेंस दर्ज की जा रही है, जो आगे चलकर जनरल कोर्ट मार्शल का आधार बन सकती है।

कर्नल ने कार्रवाई पर जताई आपत्ति

दूसरी ओर, कर्नल ने अपने खिलाफ चल रही प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उसका आरोप है कि जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई में अनियमितताएं हुई हैं और अनिवार्य कानूनी प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। इस संबंध में उसने आर्मी हेडक्वार्टर को औपचारिक प्रतिवेदन सौंपा है। सेना सूत्रों का कहना है कि मामले में अंतिम निर्णय पूरी अनुशासनात्मक प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही लिया जाएगा।

Advertisement
×