‘शार्क टैंक’ में अक्षिना जिंदल के आत्मविश्वास की जीत
हरियाणा और ट्राईसिटी के लिए यह गर्व और खुशी का क्षण है कि पंचकूला की बेटी और बबल मी ब्रांड की फाउंडर अक्षिना जिंदल ने राष्ट्रीय मंच पर न सिर्फ अपने स्टार्टअप का दम दिखाया, बल्कि समझदारी और आत्मविश्वास के...
हरियाणा और ट्राईसिटी के लिए यह गर्व और खुशी का क्षण है कि पंचकूला की बेटी और बबल मी ब्रांड की फाउंडर अक्षिना जिंदल ने राष्ट्रीय मंच पर न सिर्फ अपने स्टार्टअप का दम दिखाया, बल्कि समझदारी और आत्मविश्वास के साथ करोड़ों का ऑफर ठुकराकर मिसाल भी कायम की। अक्षिना जिंदल, पंचकूला की अग्रवाल सभा के पूर्व संयोजक अमित जिंदल की पुत्री हैं। उन्होंने चंडीगढ़ से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और इसके बाद राजस्थान के प्रतिष्ठित संस्थान बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस, पिलानी से बी-टेक (कंप्यूटर साइंस) की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के बाद उन्होंने अमेरिका की नामी कंपनी गोल्डमैन सैक्स (यूएसए) में काम किया। कॉरपोरेट करियर के बावजूद, अपने उद्यमी सपनों को साकार करने के लिए उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले अपना स्टार्टअप शुरू किया। अक्षिना का ब्रांड मैग्नीशियम आधारित हेल्थ और वेलनेस प्रोडक्ट्स पर केंद्रित है। फिलहाल उनके ब्रांड के तहत करीब 10 प्रोडक्ट्स बाजार में हैं। एक निजी टीवी पर प्रसारित लोकप्रिय शो ‘शार्क टैंक’ के एपिसोड में अक्षिना ने अपने प्रोडक्ट्स की ऑनलाइन मौजूदगी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत की। निवेश की बातचीत के दौरान भले ही कुछ कार्यक्रम के कुछ जज (शार्क) पीछे हट गए, लेकिन शार्क अमन गुप्ता ने करीब पौने दो करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव रखा। हालांकि, अक्षिना ने साफ शब्दों में बताया कि उनके पास इससे बड़ा ऑफर पहले से मौजूद है। अमन गुप्ता ने उन्हें सोचने का समय दिया। इस दौरान अक्षिना ने फोन पर अपने पिता अमित जिंदल से चर्चा की और शर्त रखी कि यदि कम से कम बराबर का निवेश मिलता है, तभी वह ऑफर स्वीकार करेंगी।
जब अमन गुप्ता ने इसे संभव न होने की बात कही, तो अक्षिना ने पूरे सम्मान और आत्मविश्वास के साथ उनका ऑफर ठुकरा दिया। इस एपिसोड की लाइव स्क्रीनिंग अमित जिंदल ने अपने निवास पर रखी थी।

