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चितकारा और एलपीयू घटनाक्रम पर ABVP ने उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग

ABVP on Punjab Universities : छात्र सुरक्षा, पारदर्शी संवाद और पंजाब सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग; बाहरी तत्वों की भूमिका की भी जांच की मांग

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चितकारा विश्वविद्यालय और लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय में हालिया घटनाक्रमों को लेकर एबीवीपी ने छात्र सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
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ABVP on Punjab Universities :  अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने चितकारा विश्वविद्यालय और लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय (एलपीयू) में पिछले दिनों हुए घटनाक्रमों, बढ़ते तनाव और असुरक्षा के माहौल को लेकर चिंता जताई है। संगठन ने विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच, समयबद्ध एवं पारदर्शी सूचना उपलब्ध कराने तथा पंजाब सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

एबीवीपी ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि वे समय पर प्रामाणिक और पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराएं। संगठन के अनुसार, सूचना और समन्वय के अभाव तथा प्रशासनिक विफलता के कारण विद्यार्थियों के बीच भय, भ्रम और अविश्वास की स्थिति बनी।

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हिंसा और तोड़फोड़ को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

एबीवीपी ने दोनों परिसरों में हुई हिंसा, तोड़फोड़, झड़प और यातायात बाधित होने की घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। संगठन ने कहा कि हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है, लेकिन विद्यार्थियों की सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या समझौता स्वीकार्य नहीं है।

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एबीवीपी ने आरोप लगाया कि दोनों विश्वविद्यालयों में बाहरी तत्वों द्वारा अराजकता का माहौल बनाया गया, लेकिन अब तक उनके खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। संगठन ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि घटनाओं के पीछे किसी राजनीतिक हस्तक्षेप या प्रशासनिक चूक की भी जांच होनी चाहिए।

एसआईटी जांच और जवाबदेही तय करने की मांग

एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री आदित्य तकियार ने कहा कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का अपनी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को लेकर सड़कों पर आना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि समय पर प्रभावी हस्तक्षेप नहीं होने से स्थिति बिगड़ी। पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने और एसआईटी गठित किए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की।

एबीवीपी के प्रदेश मंत्री जसकरण सिंह भुल्लर ने कहा कि संगठन के कार्यकर्ताओं ने दोनों परिसरों में विद्यार्थियों से मुलाकात कर घटनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के मामले में पंजाब सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। प्रशासनिक अव्यवस्था, निष्क्रियता और समन्वय के अभाव के कारण विद्यार्थियों में असंतोष पैदा हुआ है।

सूचना और समन्वय पर उठाए सवाल

पंजाब विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष अंकित विधान ने कहा कि चितकारा विश्वविद्यालय में उत्पन्न संशय एवं भ्रम की स्थिति को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। विद्यार्थियों को समय पर प्रमाणित जानकारी उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हिंसा और तोड़फोड़ किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं है, लेकिन सूचना और समन्वय में कमी कहां रही, यह भी स्पष्ट होना चाहिए।

पंजाब विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष गौरव वीर सोहल ने कहा कि लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय में छात्रा से संबंधित आरोप गंभीर हैं। महिला सुरक्षा के मामले में किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। आरोप की पुष्टि होने पर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए और विद्यार्थियों को समय पर पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जानी चाहिए।

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