बद्दी में विशाल हिंदू सम्मेलन, साध्वी प्राची ने जनसंख्या संतुलन व हिंदू एकता पर दिया जोर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में उद्योग नगरी बद्दी में एक विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। दून विधानसभा क्षेत्र के बददी स्थित जी.एस. पैलेस रिजॉर्ट अमरावती में आयोजित इस सम्मेलन में विश्व हिंदू परिषद की...
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में उद्योग नगरी बद्दी में एक विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। दून विधानसभा क्षेत्र के बददी स्थित जी.एस. पैलेस रिजॉर्ट अमरावती में आयोजित इस सम्मेलन में विश्व हिंदू परिषद की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की सदस्य साध्वी प्राची मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुईं। सम्मेलन में बददी और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिनमें महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
सभा को संबोधित करते हुए साध्वी प्राची ने हिंदू समाज में एकता और जनसंख्या संतुलन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि “बंटोंगे तो कटोगे” के नारे को आगे बढ़ाते हुए अब “घटोगे तो कटोगे” का सूत्र सामने आया है। उन्होंने हिंदू समाज से अधिक संतानों के लिए जागरूक रहने का आह्वान करते हुए कहा कि जनसंख्या असंतुलन से सामाजिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
साध्वी प्राची ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग की और दो बच्चों के कानून को सख्ती से लागू करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि पहले लोग स्वयं को हिंदू कहने में संकोच करते थे, लेकिन अब इसमें गर्व की भावना दिखाई दे रही है। उन्होंने आरएसएस की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि संघ ने हिंदू समाज में नई चेतना का संचार किया है, हालांकि संगठित हिंदू समाज का लक्ष्य अभी पूरी तरह हासिल नहीं हुआ है।
उन्होंने सनातन परंपराओं के संरक्षण और संघ के “पंच परिवर्तन” सिद्धांतों को अपनाने पर भी बल दिया। साध्वी प्राची ने कहा कि भारत का विश्व गुरु बनना संगठित और जागरूक हिंदू समाज से ही संभव है।

