पशुपालकों को बड़ी राहत, चंडीगढ़ में टेलीमेडिसिन सेवा शुरू; घर बैठे मिलेगा इलाज
इससे पशुओं के स्वास्थ्य की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हो पाएगी
शहर के पशुपालकों के लिए अब अपने पालतू पशुओं का उपचार कराना और भी आसान हो गया है। पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन ने टेलीमेडिसिन के माध्यम से निःशुल्क परामर्श सेवा का आगाज किया है। शुक्रवार को पशुपालन सचिव प्रदीप कुमार ने इस आधुनिक सेवा का विधिवत उद्घाटन किया।
डिजिटल हेल्थ मिशन से जुड़ा चंडीगढ़
सचिव प्रदीप कुमार ने बताया कि भारत सरकार की 'One Nation One Health' (ONOH) पहल के तहत नीति आयोग के मार्गदर्शन में इस सेवा को देश भर में विस्तार दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त, 2021 को शुरू हुए National Digital Health Mission (NDHM) का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी एकीकृत प्रणाली बनाना है, जहां पशु चिकित्सक और पशुपालक डिजिटल माध्यम से सीधे जुड़ सकें। इससे पशुओं के स्वास्थ्य की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हो पाएगी।
अस्पताल आने की जरूरत नहीं : निदेशक नवीन
पशुपालन निदेशक श्री नवीन ने जानकारी दी कि कई बार पशुओं को अस्पताल लाना चुनौतीपूर्ण होता है। अब ऑपरेशन के बाद फॉलो-अप, सामान्य स्वास्थ्य परामर्श, निगरानी और हेल्थ कैलेंडर जैसे कार्यों के लिए पशुपालकों को अस्पताल आने की आवश्यकता नहीं होगी। यह पहल पशुओं और पालकों को संक्रामक जूनोटिक (पशुजनित) रोगों से बचाने में भी मील का पत्थर साबित होगी, क्योंकि इससे भीड़भाड़ और संक्रमण का जोखिम कम होगा।
टोल-फ्री नंबर पर मिलेगा समाधान
संयुक्त निदेशक डॉ. अश्वनी कुमार ने स्पष्ट किया कि यह सेवा रविवार को छोड़कर सप्ताह के शेष सभी दिन चालू रहेगी। पशुपालक अपनी सुविधानुसार निम्नलिखित विवरण नोट कर सकते हैं।
परामर्श का समय
टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-180-2206 इस अवसर पर संयुक्त निदेशक डॉ. अश्वनी कुमार, डॉ. विशाल धवन, डॉ पी. के. सिंह सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। विभाग ने शहर के सभी पशुपालकों से इस डिजिटल सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।

