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कोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 51 गर्भवती महिलाओं की जांच, 12 'हाई रिस्क' मिलीं

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सोमवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कोट में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ उप सिविल सर्जन डॉ. शिवानी हुड्डा ने किया। उन्होंने उपस्थित...

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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कोट में गर्भवती महिलाओं को दवाइयां देते स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी।-निस
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प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सोमवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कोट में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ उप सिविल सर्जन डॉ. शिवानी हुड्डा ने किया। उन्होंने उपस्थित गर्भवती महिलाओं को अभियान के उद्देश्य और इसके महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. हुड्डा ने बताया कि इस अभियान के तहत हर महीने की 9 तारीख को गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व जांच की जाती है, ताकि माता और शिशु दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने एक महत्वपूर्ण आंकड़ा साझा करते हुए बताया कि देश में वर्ष 2014-16 से 2022-24 के बीच मातृ मृत्यु दर में प्रति लाख जीवित जन्म पर 43 अंकों की बड़ी कमी दर्ज की गई है। चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. हरपिंदर कौर ने बताया कि शिविर के दौरान कुल 51 गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की गई। इनमें से 12 महिलाएं उच्च जोखिम (हाई रिस्क) श्रेणी में पाई गईं, जिन्हें बेहतर उपचार, विशेष निगरानी और प्रसव प्रबंधन के लिए सामान्य अस्पताल (सिविल हॉस्पिटल) रेफर किया गया है।

इस मौके पर महिलाओं को बेहतर पोषण के प्रति जागरूक करने के लिए गुड़ और चने का वितरण भी किया गया। डॉ. कौर ने जानकारी दी कि यह विशेष जांच शिविर अब केवल 9 तारीख ही नहीं, बल्कि प्रत्येक माह की 9, 10, 23 और 30 तारीख को भी आयोजित किया जाता है।

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