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फिरनियों से लेकर कब्रिस्तान तक 200 काम अटके, सदन में पेश हुई रिपोर्ट

नूंह विधायक आफताब ने उठाया था गांवों के विकास का सवाल हरियाणा विधानसभा में बुधवार को गांवों के विकास कार्यों पर बड़ा खुलासा हुआ। नूंह से विधायक आफताब अहमद ने सरकार पर आरोप लगाया कि कब्रिस्तानों, श्मशानों और गांवों की...

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नूंह विधायक आफताब ने उठाया था गांवों के विकास का सवाल

हरियाणा विधानसभा में बुधवार को गांवों के विकास कार्यों पर बड़ा खुलासा हुआ। नूंह से विधायक आफताब अहमद ने सरकार पर आरोप लगाया कि कब्रिस्तानों, श्मशानों और गांवों की फिरनियों (परिधि मार्गों) के विकास में भारी देरी हो रही है। कई पंचायतों को आज तक पीआरआई (पंचायती राज संस्थाएं) और एसएफसी (राज्य वित्त आयोग) जैसी जरूरी ग्रांट नहीं मिलीं।

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जवाब में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने तथ्य पेश करते हुए कहा कि कामों में देरी का कारण पैसा नहीं, बल्कि कागजी औपचारिकताएं हैं। पंचायतें पहली किस्त का हिसाब भेजेंगी, तो दूसरी किस्त तुरंत जारी कर दी जाएगी। सरकार के अनुसार, साल 2023 से 2026 के बीच कब्रिस्तान और श्मशान के विकास के लिए कुल 255 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।

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इनमें से 215 करोड़ रुपये खर्च के लिए जारी तो हुए, लेकिन कई जिलों में काम उम्मीद के मुताबिक तेज़ी नहीं पकड़ पाए। यमुनानगर, जींद, भिवानी, गुरुग्राम और कुरुक्षेत्र में सबसे ज्यादा कार्य स्वीकृत हुए हैं। गांव की परिधि सड़कों यानी फिरनियों के 1208 कार्य स्वीकृत किए गए थे। इनमंे से 645 कार्य पूरे हुए। 200 कार्य बीच में अधूरे हैं और 218 कार्य अभी शुरू ही नहीं हुए। 30 कार्य नॉट फीजिबल बताए गए नूंह जिले की हालत सबसे चिंताजनक है। यहां 127 में से 73 काम शुरू तक नहीं किए गए।

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