यह जानकर प्रसन्नता हो रही है कि उत्तर भारत के प्रमुख अंग्रेजी अख़बारों में से एक, द ट्रिब्यून अपनी 145वीं वर्षगांठ मना रहा है। यह पत्रकारिता की उत्कृष्टता और समर्पित जनसेवा की असाधारण यात्रा को दर्शाता है। व्यापक जनहित और जनसंवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित, द ट्रिब्यून औपनिवेशिक काल के दौरान सामाजिक सुधार, रचनात्मक विमर्श और राष्ट्रीय चेतना के लिए एक विश्वसनीय मंच के रूप में उभरा।
समाचारों और विचारों को निष्पक्ष, संतुलित एवं पूर्वाग्रह-रहित ढंग से प्रस्तुत करने की इसकी लंबी और गौरवशाली यात्रा इसकी दृढ़ता, निरंतरता और पत्रकारिता के मूल मूल्यों के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
यह अत्यंत संतोषजनक है कि द ट्रिब्यून ने संपादकीय स्वतंत्रता और उच्च नैतिक मानकों को निरंतर बनाए रखा, जिससे पूरे उत्तर भारत में अपने पाठकों का विश्वास और भरोसा जीता।
मैं इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर द ट्रिब्यून समाचार पत्र समूह को बधाई देता हूं और आने वाले वर्षों में इसकी निरंतर सफलता की कामना करता हूं।

