प्रतिष्ठित समाचार पत्र की 145वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर मैं 'द ट्रिब्यून' परिवार को हार्दिक बधाई देता हूं। साल 1881 में शुरू हुआ द ट्रिब्यून सिर्फ एक अख़बार से कहीं ज्यादा रहा है- यह एक विश्वसनीय संस्थान, भरोसेमंद पत्रकारिता की मिसाल और सत्य की निर्भीक आवाज रहा है। भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान द ट्रिब्यून ने राष्ट्रवादी आकांक्षाओं को निर्भीकता से अभिव्यक्त करके तथा स्वतंत्रता, न्याय और स्वशासन के आदर्शों को आवाज देकर एक ऐतिहासिक भूमिका निभाई। इसकी साहसिक पत्रकारिता ने जनचेतना को जागृत करने और स्वतंत्रता आंदोलन की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
विशेष रूप से उत्तर भारत में द ट्रिब्यून ने राष्ट्रीय और वैश्विक दृष्टिकोण बनाए रखते हुए नागरिकों को सूचना देने, शिक्षित करने एवं सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई है। संतुलित रिपोर्टिंग, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनहित पत्रकारिता के प्रति इसकी प्रतिबद्धता ने पीढ़ियों से इसे अपार सम्मान दिलाया है।
हरियाणा की जनता की ओर से, मैं द ट्रिब्यून की पूरी टीम की निष्ठा और पेशेवर प्रतिबद्धता के लिए सराहना करता हूं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आने वाले वर्षों में भी द ट्रिब्यून सूचित विमर्श को प्रेरित करता रहेगा और देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को सशक्त बनाने में सार्थक योगदान देता रहेगा।
मैं द ट्रिब्यून के निरंतर सफल भविष्य और अनेक नयी उपलब्धियों की कामना करता हूं।
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