Rupee at all time low : डॉलर के मुकाबले रुपया धड़ाम: 60 पैसे टूटकर 93.49 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर
पश्चिम एशिया में तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की निकासी का असर, शेयर बाजार की बढ़त भी नहीं रोक पाई रुपये की गिरावट
Rupee at all time low : पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों को लेकर मंडराते संकट के बीच शुक्रवार को भारतीय मुद्रा में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया कारोबार के दौरान 60 पैसे टूटकर 93.49 के सर्वकालिक निचले स्तर पर आ गया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय बाजार से लगातार पूंजी निकालने और डॉलर की बढ़ती मजबूती के कारण घरेलू मुद्रा भारी दबाव में है।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाया दबाव
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों की आशंका ने स्थानीय मुद्रा की कमर तोड़ दी है। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.79 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 107.8 डॉलर प्रति बैरल पर रहा, लेकिन इसके 180 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की आशंका ने निवेशकों की भावनाओं को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। इससे पहले बुधवार को भी रुपया 92.89 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। गौरतलब है कि गुड़ी पड़वा के मौके पर बृहस्पतिवार को विदेशी मुद्रा बाजार बंद थे।
शेयर बाजार की तेजी भी रही बेअसर
शुक्रवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 92.92 पर खुला, लेकिन जल्द ही यह गिरावट के साथ 93 का स्तर पार करते हुए 93.49 तक लुढ़क गया। यह भारी गिरावट तब आई है, जब घरेलू शेयर बाजारों ने शानदार वापसी की है। शुक्रवार को सेंसेक्स 442.88 अंक (0.60 प्रतिशत) चढ़कर 74,650.12 पर और निफ्टी 146.65 अंक (0.64 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 23,148.80 पर पहुंच गया।
बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली का दबाव लगातार बना हुआ है। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, बृहस्पतिवार को एफआईआई ने 7,558.19 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 99.40 पर रहा, जिससे रुपये को संभलने का कोई मौका नहीं मिला।

