Tulsi Pujan Diwas 2025: तुलसी पूजन दिवस आज, यहां पढ़ें आज का पूरा पंचांग
Tulsi Pujan Diwas 2025: आज तुलसी पूजन दिवस है। हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना गया है। अधिकांश घरों में प्रातः और सायंकाल तुलसी माता के समक्ष दीपक जलाने की परंपरा है। इसी श्रद्धा...
Tulsi Pujan Diwas 2025: आज तुलसी पूजन दिवस है। हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना गया है। अधिकांश घरों में प्रातः और सायंकाल तुलसी माता के समक्ष दीपक जलाने की परंपरा है। इसी श्रद्धा को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए तुलसी पूजन दिवस मनाया जाता है। यह दिवस कार्तिक मास में होने वाले तुलसी विवाह से भिन्न है और इसका उद्देश्य तुलसी के धार्मिक, औषधीय और पर्यावरणीय महत्व को रेखांकित करना है।
पंडित अनिल शास्त्री के मुताबिक तुलसी पूजन दिवस का महत्व केवल आस्था तक सीमित नहीं है। तुलसी को भगवान विष्णु का प्रिय स्वरूप और मां लक्ष्मी की प्रत्यक्ष उपस्थिति माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन तुलसी माता की विधिवत पूजा करने से परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही तुलसी के औषधीय गुण स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माने गए हैं।
तुलसी पूजन के दिन प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद शुद्ध जल से तुलसी के पौधे को अर्पित करें, रोली या कुमकुम का तिलक लगाएं और फूल, दीपक व अगरबत्ती से पूजा करें। तुलसी के चारों ओर परिक्रमा करना, भजन-स्तोत्र का पाठ और आरती करना भी शुभ माना जाता है।
Panchang 25 December 2025: राष्ट्रीय मिति पौष 04
शक संवत 1947
विक्रम संवत 2082
पौष मास, शुक्ल पक्ष, पंचमी
वार बृहस्पतिवार
सौर मास स्थिति सौर पौष मास प्रविष्टे 11
अंग्रेजी तिथि 25 दिसंबर 2025 ई.
सूर्य स्थिति उत्तरायण, दक्षिण गोल
ऋतु शिशिर ऋतु
राहुकाल मध्याह्न 01:30 से अपराह्न 03:00 तक
पंचमी तिथि दिन 01:43 तक
षष्ठी तिथि आरंभ दिन 01:43 के उपरांत
धनिष्ठा नक्षत्र प्रातः 08:18 तक
शतभिषा नक्षत्र आरंभ प्रातः 08:18 के उपरांत
वज्र योग अपराह्न 03:13 तक
सिद्धि योग आरंभ अपराह्न 03:13 के उपरांत
बालव करण दोपहर 01:43 तक
तैतिल करण आरंभ दोपहर 01:43 के उपरांत
विजय मुहूर्त दोपहर 02:05 से 02:46 तक
गोधूलि बेला सायं 05:28 से 05:56 तक
निशीथ काल रात्रि 11:54 से 12:49 तक
चंद्रमा की राशि कुंभ (दिन-रात)
विशेष दिवस तुलसी पूजन दिवस, क्रिसमस दिवस
डिस्कलेमर: यह लेख धार्मिक आस्था व सामाजिक मान्यता पर आधारित है। dainiktribuneonline.com इसकी पुष्टि नहीं करता। जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें।

