इंग्लैंड के प्रसिद्ध शल्य चिकित्सक लॉर्ड मोनवर्न अपने चिकित्सा कार्य में इतने दक्ष थे कि वह भीड़-भाड़ के बीच भी प्रत्येक ऑपरेशन सफलता के साथ कर लेते थे। एक जिज्ञासु ने उनसे पूछा, ‘इतनी भीड़-भाड़ में आप एकाग्रता के साथ ऑपरेशन कैसे कर लेते हैं? मैंने कभी आपको विचलित होते नहीं देखा।’ चिकित्सक ने सरलता से उत्तर दिया, ‘जब मैं ऑपरेशन करता हूं, उस समय मेरे साथ तीन लोग होते हैं – एक मैं, दूसरा रोगी, और तीसरा मेरा भगवान। फिर विचलित होने का सवाल ही नहीं उठता।’
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