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अच्छाइयों का स्रोत

एकदा

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ईरान के प्रसिद्ध कवि और विद्वान शेख सादी से एक बार किसी ने पूछा, ‘ढूंढ़ने पर भी आप में कोई कमी किसी को नहीं मिलती। आखिर इतनी अच्छाइयां आप में आई कहां से?’ ‘बुरे लोगों से!’ जब शेख सादी ने जवाब दिया तो प्रश्न करने वाला शख्स हैरान रह गया। उसकी हैरानी को ताड़ते हुए शेख सादी ने स्पष्ट करते हुए कहा, ‘बुरे लोगों की जिन बुरी आदतों और कामों को मैंने महसूस किया, उन आदतों और कामों से मैं खुद को दूर करता गया। बस, यही मेरी अच्छाइयों का राज है।’ प्रश्नकर्ता की जिज्ञासा अब शांत हो चुकी थी।

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