समता की संवेदना : The Dainik Tribune

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समता की संवेदना

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अन्तोन चेख़व रूसी कथाकार, उपन्यासकार और नाटककार थे। अन्तोन चेखव ने 19वीं शताब्दी के मध्य में विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय कहानी लेखक के रूप में अपनी पहचान बनाई। चेखव विश्व के चहेते लेखक माने जाते हैं। वे एक नेक दिल इंसान थे। उन्हें रूस का सर्वोच्च सम्मान ‘पुश्किन पुरस्कार’ भी मिला। चेखव के जीवन की एक घटना है। रात का समय था। कड़ाके की ठंड पड़ रही थी। चेखव सड़क पर टहल रहे थे। ठंड में ठिठुरता एक भिखारी उनके पास पहुंचा और भीख के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया। चेखव ने उसे कुछ देने के लिए अपनी जेब में हाथ डाला। इत्तफ़ाक़ से उस समय चेखव की जेब खाली थी। हताश चेखव ने भिखारी के दोनों हाथ थामे और कहा, ‘मित्र तुम्हें देने के लिए इस समय मेरे पास कुछ भी नहीं है। मुझे माफ़ करना।’ भिखारी की आंखों में आंसू आ गए। रूंधे गले से वह बोला, ‘आपने तो मुझे सब कुछ दे दिया। मेरा हाथ थाम कर मुझे अपनी बराबर पर ला खड़ा किया। इससे बड़ी चीज मेरे लिए और क्या होगी।’

प्रस्तुति : मधुसूदन शर्मा

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