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पंजाब की बेटी ऋतु शर्मा ने रचा इतिहास, गीता उच्चारण में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड

गीता के 15वें अध्याय ‘पुरुषोत्तम योग’ के सामूहिक उच्चारण में बनीं रिकॉर्ड का हिस्सा; अमृतसर की पहली ‘गीताव्रती’ भी हैं ऋतु शर्मा

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Guinness World Records 2026: पंजाब के बहुचर्चित पिंगलवाडा सेवा अभियान में पूर्णकालिक समाज सेवा के लिये समर्पित पंजाब की बेटी ऋतु शर्मा ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करके अपने माता-पिता, गीता परिवार पंजाब का और ऐतिहासिक नगरी अमृतसर का नाम गौरवान्वित किया है।

गीता परिवार और चिन्मय मिशन द्वारा 70 अलग-अलग देशों से 75000 से अधिक साधकों का ऑनलाइन श्रीमद्भागवत गीता के 15 वें अध्याय की चैंटिंग के लिए रजिस्ट्रेशन किया गया। जिसमें ऋतु शर्मा न भाग लिया। ऋतु 8000 सौभाग्यशाली साधकों में बनी, जिन्होंने श्रीमद्भागवत गीता के 15 वें अध्याय के पुरुषोत्तम योग का उच्चारण किया। इस तरह गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड 2026 में अपना नाम सम्मिलित किया।

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दरअसल, माता-पिता की प्रेरणा से और उनके गीतमय जीवन से ही ऋतु को श्रीमद्भागवत गीता को पढ़ने की उत्कंठा हुई।

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ऋतु शर्मा वर्ष 2023 में गीता परिवार से जुड़ी। गीता परिवार जो कि सारे विश्व में अलग-अलग समय में मुफ्त में अलग-अलग भाषाओं में श्रीमद्भागवत गीता के सारे श्लोकों का उच्चारण करना और उन्हें याद करना सिखाते हैं। निरंतर साधना से उन्होंने दिसंबर 2024 में श्रीमद्भागवत गीता के 700 श्लोकों की कंठस्थ करने की परीक्षा गीताव्रती उत्तीर्ण की और अमृतसर की पहली गीताव्रती बनी। फिर गीता विचक्षण (अरोही) मई 2025 में और गीता विचक्षण (अवरोही) अगस्त 2025 में उत्तीर्ण की।

कृष्ण कृपा से उन्हें गीता परिवार द्वारा आयोजित कार्यक्रम गीता कंठनाद में जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। वर्तमान में ऋतु शर्मा भगवत कृपा से अपने समाज कार्य के साथ-साथ आध्यात्मिक सेवाएँ गीता परिवार में भी दे रही हैं।

इसके अलावा राष्ट्र सेवा की प्रेरणा ऋतु शर्मा को बचपन से ही देश के महानायकों के त्याग व बलिदान के प्रसंग सुनने से ही मिली। तभी उन्होंने अपना करियर छोड़कर समाज सेवा का प्रण ले लिया। उन्हें आर्थिक व भावनात्मक संबल माता-पिता से मिला।

उन्होंने निष्काम भाव से बच्चों को मुफ्त में आश्रम में पढ़ा कर उस संकल्प का आरंभ किया। वह इस प्रतिष्ठित संस्था ऑल इंडिया पिंगलवाड़ा चैरिटेबल सोसाइटी की वह सबसे पहली सबसे छोटी आयु में सेवा का कार्य आरंभ करने वाली बनी हैं।

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