Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

Papmochani Ekadashi 2026: पापमोचनी एकादशी आज, बन रहा विशेष संयोग

Papmochani Ekadashi 2026: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज के दिन भगवान विष्णु की पूजा से मिलता है विशेष फल

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

Papmochani Ekadashi 2026: आज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। इसे पापमोचनी एकादशी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

पंडित अनिल शास्त्री के मुताबिक इस बार पापमोचिनी एकादशी (Papmochani Ekadashi 2026) पर द्विपुष्कर योग भी बन रहा है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस योग में किए गए पूजा-पाठ, दान और व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है।

Advertisement

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi 2026) का व्रत रखने से व्यक्ति के ज्ञात-अज्ञात पापों का नाश होता है। इस दिन श्रद्धालु प्रातः स्नान के बाद भगवान विष्णु का पूजन करते हैं, व्रत रखते हैं और दान-पुण्य करते हैं। साथ ही सूर्य देव को अर्घ्य देने का भी विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इससे स्वास्थ्य, यश और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।

Advertisement

Papmochani Ekadashi 2026: ऐसे करें पूजा

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
  • भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएं।
  • तुलसी दल, फल-फूल और प्रसाद अर्पित करें।
  • “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
  • सूर्य देव को जल अर्पित करें और दान-पुण्य करें।

Panchang 15 March 2026:

अंग्रेजी तिथि 15 मार्च 2026

राष्ट्रीय मिति फाल्गुन 24

शक संवत 1947

विक्रम संवत 2082

पक्ष / तिथि फाल्गुन कृष्ण एकादशी (प्रातः 09:16 बजे तक), इसके बाद द्वादशी

वार रविवार

सौर मास चैत्र मास प्रविष्टे – 2

सूर्य की स्थिति उत्तरायण, दक्षिण गोल

ऋतु बसन्त

नक्षत्र श्रवण

योग वरीयान योग प्रातः 11:12 बजे तक, उसके बाद परिघ योग

करण बव करण प्रातः 09:16 बजे तक, उसके बाद बालव करण

चंद्रमा मकर राशि में संचार

अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 बजे – 12:53 बजे

विजय मुहूर्त दोपहर 02:30 बजे – 03:18 बजे

अमृत काल प्रातः 07:20 बजे – 08:55 बजे

गोधूलि वेला सायं 06:32 बजे – 06:58 बजे

राहुकाल सायं 04:59 बजे – 06:29 बजे

आज पापमोचनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा।

डिस्कलेमर: यह लेख धार्मिक आस्था व सामाजिक मान्यता पर आधारित है। dainiktribuneonline.com इसकी पुष्टि नहीं करता। जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें।

Advertisement
×