Makar Sankranti : मकर संक्रांति पर एकादशी का संयोग... फिर कैसे करें खिचड़ी का दान?
मकर सक्रांति पर क्यों किया जाता है खिचड़ी का दान?
Makar Sankranti : मकर सक्रांति का त्योहार भारत में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान लोग ना सिर्फ पतंगबाजी करते हैं बल्कि इस दिन पर स्नान, दान आदि का भी बहुत महत्व है, खासकर इस दिन खिचड़ी का दान किया जाता है। मगर, इस साल मकर सक्रांति पर एकादशी भी पड़ रही है।
14 जनवरी को मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी का एक साथ पड़ना एक विशेष धार्मिक संयोग है। इसी कारण लोगों के मन में यह असमंजस है कि खिचड़ी का दान और सेवन कैसे किया जाए, क्योंकि परंपरा के अनुसार एकादशी के दिन चावल का सेवन और दान वर्जित माना जाता है जबकि मकर संक्रांति पर खिचड़ी दान का विशेष महत्व है।
क्यों किया जाता है खिचड़ी का दान?
शास्त्रों में कहा गया है कि मकर संक्रांति पर अन्न दान करने से अक्षय पुण्य मिलता है। खिचड़ी दान विशेष रूप से शुभ माना गया है, क्योंकि यह सात्त्विक और सभी के लिए सुलभ भोजन है। माना जाता है कि इस दिन खिचड़ी दान करने से घर में कभी अन्न-धन की कमी नहीं होती।
क्या करें?
अगर आप खिचड़ी या चावल का दान नहीं कर सकते तो इस दौरान तिल-गुड़, घी, मूंग की दाल, तिल के बने लड्डू आदि का दान करें। इसे अलावा आप तिल से बनी खिचड़ी व वस्त्र भी दान कर सकते हैं।
व्रत में खिचड़ी का सेवन कैसे करें?
अगर आप षटतिला एकादशी का व्रत कर रहे हैं तो उस दिन चावल से बनी खिचड़ी का सेवन ना करें। ऐसे में आप फलाहारी व्रत रख सकते हैं। इसके अलावा आप साबूदाना खिचड़ी भी बनाकर खा सकते हैं।

