Mahashivratri 2026: सर्वार्थसिद्धि योग में करें भगवान शिव की पूजा, मिलेगा कई गुना फल
Mahashivratri 2026: सुबह 7 बजे से सायं 7 बजकर 48 मिनट तक सर्वार्थसिद्धि योग
Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि आज है। महाशिवरात्रि का पर्व इस बार बेहद खास माना जा रहा है। धार्मिक पंचांग के अनुसार इस बार महाशिवरात्रि के दिन सर्वार्थसिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है। मान्यता है कि इस योग में की गई भगवान शिव की आराधना से हर मनोकामना पूर्ण होती है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
पंडित अनिल शास्त्री के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाए जाने वाले इस पावन पर्व पर चार पहर में शिव पूजा का विशेष महत्व है। भक्त व्रत रखकर शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा आदि अर्पित करते हैं और मंत्र जाप, आरती व रुद्राभिषेक करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सर्वार्थसिद्धि योग में की गई साधना और पूजा कई गुना फलदायी मानी जाती है। सर्वाथ सिद्ध योग का समय 15 फरवरी 2026 को सुबह 7 बजे से सायं 7 बजकर 48 मिनट तक है।
चार प्रहर पूजन मुहूर्त
- प्रथम प्रहर: शाम 6:11 बजे से रात 9:23 बजे तक
- द्वितीय प्रहर: रात 9:23 बजे से 16 फरवरी अर्धरात्रि 12:35 बजे तक
- तृतीय प्रहर: 16 फरवरी रात 12:35 बजे से सुबह 3:47 बजे तकॉ
- चतुर्थ प्रहर: 16 फरवरी सुबह 3:47 बजे से सुबह 6:59 बजे तक-
महाशिवरात्रि व्रत विधि (Maha Shivratri Vrat Vidhi)
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
- भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करें।
- दिनभर व्रत रखें, अन्न का सेवन न करें (फलाहार ले सकते हैं)।
- शाम को पुनः पूजा करें और महाशिवरात्रि कथा पढ़ें या सुनें।
- रात्रि जागरण करें और ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप करें।
- इस दिन रुद्राभिषेक करना अत्यंत शुभ माना गया है।
- अगले दिन सुबह 7 बजे के बाद व्रत खोलें।
मंत्र जाप का महत्व
महाशिवरात्रि पर शिव मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र और शिव आरती का पाठ करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। इससे सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

