श्रद्धालुओं के लिए सूचना, राम नवमी अनुष्ठान के चलते 5 घंटे बंद रहेगा जगन्नाथ मंदिर
मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ ही भगवान राम को जन्म देते हैं
पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर भगवान राम के जन्म के उपलक्ष्य में अनुष्ठान किए जाने के उद्देश्य से शुक्रवार को पांच घंटे श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा। मंदिर प्रशासन ने यह जानकारी दी। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि शुक्रवार यानी 27 मार्च 2026 को चैत्र शुक्ल श्री राम नवमी तिथि पर श्री राम जन्म नीति का आयोजन किया जाएगा।
मध्याह्न भोग अर्पण शुरू होने के बाद शाम पांच बजे से रात 10 बजे तक सार्वजनिक दर्शन अस्थायी रूप से बंद रहेंगे। जगन्नाथ संस्कृति के प्रख्यात शोधकर्ता डॉ. भास्कर मिश्रा ने कहा कि मंदिर में प्रत्येक राम नवमी पर इस अनूठी परंपरा का पालन किया जाता है। राम नवमी, भगवान विष्णु के सातवें अवतार भगवान राम के जन्म का प्रतीक है।
परंपरा के अनुसार, भगवान विष्णु के सभी अवतारों के जनक माने जाने वाले भगवान जगन्नाथ को भगवान राम के जन्म से एक दिन पहले यानी आज शाम कच्चे आम, आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों और चावल से युक्त विशेष 'जेउटा भोग' अर्पित किया जाता है।
भगवान जगन्नाथ को यह विशेष भोग 'प्रसव पीड़ा के प्रतीकात्मक अनुभव को कम करने' के लिए अर्पित किया जाता है। मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ ही भगवान राम को जन्म देते हैं। इसी कारण उन्हें 'जेउटा भोग' खिलाया जाता है।

