Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

Ekadashi 2026: आज है आमलकी एकादशी, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व

Ekadashi 2026: कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष रूप से आंवले के वृक्ष की पूजा करना विशेष फलदायी

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

Ekadashi 2026: आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। इसे आमलकी एकादशी या रंगभरी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार आज के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष रूप से आंवले के वृक्ष की पूजा करना विशेष फलदायी होता है।

पंडित अनिल शास्त्री के मुताबिक धर्मग्रंथों के अनुसार सृष्टि की रचना के समय जब भगवान विष्णु ने ब्रह्मा जी को उत्पन्न किया, उसी क्षण आंवले के वृक्ष की भी उत्पत्ति हुई। इसे ब्रह्मांड का पहला वृक्ष माना गया है। ऐसी मान्यता है कि स्वयं भगवान विष्णु का वास आंवले में होता है। जो भक्त इस दिन श्रद्धापूर्वक आंवले के वृक्ष की पूजा करते हैं और उसका फल अर्पित करते हैं, उन्हें पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

Advertisement

पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि 27 फरवरी की रात 10:32 बजे तक रहेगी। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:11 से 12:57 तक रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य के लिए उत्तम है। व्रत का पारण 28 फरवरी को सुबह 6:47 से 9:06 बजे के बीच करना श्रेष्ठ माना गया है।

Advertisement

पूजा विधि के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर पीले वस्त्र धारण करें और भगवान विष्णु के समक्ष व्रत का संकल्प लें। यदि संभव हो तो आंवले के वृक्ष की पूजा कर उसकी सात परिक्रमा करें, घी का दीपक जलाएं और आरती करें। आंवले का दान और सेवन शरीर व आत्मा की शुद्धि के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है।

Panchang 27 February 2026:

राष्ट्रीय मिति फाल्गुन 10, शक संवत 1947

विक्रम संवत 2082

फाल्गुन शुक्ल एकादशी (रात्रि 10:32 बजे तक), उपरांत द्वादशी

सौर मास फाल्गुन मास, प्रविष्टे-15

अंग्रेजी तिथि 27 फरवरी 2026 ई.

वार शुक्रवार

सूर्य स्थिति उत्तरायण, दक्षिण गोल

ऋतु शिशिर

चंद्र राशि मिथुन

नक्षत्र आर्द्रा (सायं 03:42 बजे तक), उपरांत पुनर्वसु

करण गरज (प्रातः 10:18 बजे तक), उपरांत वणिज

योग आयुष्मान योग (अधिकांश दिन)

राहुकाल प्रातः 10:33 बजे से 11:59 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:03 बजे से 12:47 बजे तक

विजय मुहूर्त दोपहर 02:10 बजे से 02:55 बजे तक

गोधूलि वेला सायं 06:21 बजे से 06:47 बजे तक

अमृत काल रात्रि 02:05 बजे से 03:34 बजे तक

डिस्कलेमर: यह लेख धार्मिक आस्था व सामाजिक मान्यता पर आधारित है। dainiktribuneonline.com इसकी पुष्टि नहीं करता। जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें।

Advertisement
×