Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
Add Tribune As Your Trusted Source
search-icon-img
Advertisement

कलयुग के रहस्य क्या आज हो रहे हैं सच? श्रीकृष्ण ने पांडवों को पहले ही दिखा दिए थे ये संकेत

कलयुग के संभावित स्वरूप को समझाने के लिए कुछ विचित्र घटनाओं का उदाहरण देते हैं

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

महाभारत को केवल युद्ध की कहानी नहीं, बल्कि जीवन, धर्म, नीति और मानव स्वभाव को समझने वाला महान ग्रंथ माना जाता है। इससे जुड़ी कई कथाएं आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय रहती हैं। ऐसी ही एक रोचक पौराणिक कथा में भगवान श्रीकृष्ण पांडवों को कलयुग के संभावित स्वरूप को समझाने के लिए कुछ विचित्र घटनाओं का उदाहरण देते हैं।

कथा के अनुसार, पांचों पांडवों ने जब श्रीकृष्ण से पूछा कि आने वाले कलयुग में समाज और मनुष्य का व्यवहार कैसा होगा, तो श्रीकृष्ण ने उन्हें वन में जाकर अलग-अलग दिशाओं में कुछ विचित्र दृश्य देखने को कहा। लौटने के बाद उन्होंने उन घटनाओं का अर्थ समझाया। युधिष्ठिर ने वन में दो सूंड वाला हाथी देखा। कथा के अनुसार, श्रीकृष्ण ने इसे ऐसे लोगों का प्रतीक बताया जिनकी कथनी और करनी में अंतर होगा। वे सामने कुछ और कहेंगे, जबकि उनके मन में कुछ और चल रहा होगा। इस प्रसंग का संदेश है कि किसी व्यक्ति को केवल उसके शब्दों से नहीं, बल्कि उसके कर्मों से परखना चाहिए।

Advertisement

अर्जुन के सामने आया ज्ञान और आचरण का विरोधाभास

अर्जुन ने ऐसा पक्षी देखा जिसके पंखों पर वेदों जैसी पवित्र रचनाएं अंकित थीं, लेकिन वह मृत शरीर का मांस खा रहा था। कथा में श्रीकृष्ण ने इसे ऐसे लोगों से जोड़ा जो बाहर से धार्मिक और ज्ञानी दिखाई देंगे, लेकिन उनका आचरण उनके विचारों से बिल्कुल अलग होगा। संदेश साफ है- सच्चा ज्ञान केवल बोलने या पढ़ने में नहीं, बल्कि व्यवहार में नजर आता है।

Advertisement

भीम ने देखा मां के प्यार की अलग तस्वीर

भीम ने एक गाय को अपने बछड़े को अत्यधिक चाटते देखा, जिससे बछड़ा घायल हो गया। श्रीकृष्ण ने इसे माता-पिता के अत्यधिक मोह का संकेत बताया। कथा का भाव यह है कि बच्चों से प्रेम जरूरी है, लेकिन जरूरत से ज्यादा नियंत्रण और मोह उनके विकास में बाधा बन सकता है। बच्चों को संस्कार देने के साथ उन्हें अपने फैसले लेने और आगे बढ़ने का अवसर भी देना चाहिए।

सहदेव के सामने सात कुओं का रहस्य

सहदेव ने देखा कि कई कुएं पानी से भरे हैं, लेकिन उनके बीच एक कुआं सूखा पड़ा है। श्रीकृष्ण ने इसे समाज में बढ़ती असमानता से जोड़कर समझाया। एक ओर लोग धन और संसाधनों का प्रदर्शन करेंगे, वहीं दूसरी ओर जरूरतमंद लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर सकते हैं। यह प्रसंग इंसान को अपनी समृद्धि के साथ दूसरों की जरूरतों का भी ध्यान रखने का संदेश देता है।

नकुल ने देखा छोटी शक्ति ने रोक दी विशाल चट्टान

नकुल ने पहाड़ से लुढ़कती एक विशाल चट्टान देखी, जिसे बड़े-बड़े पेड़ भी नहीं रोक पाए। एक छोटे पौधे के पास पहुंचकर वह रुक गई। कथा के अनुसार, श्रीकृष्ण ने इसे जीवन में मोह, अहंकार और सांसारिक इच्छाओं के प्रभाव का प्रतीक बताया। उनका संदेश था कि भटकाव कितना भी बड़ा क्यों न हो, ईश्वर की भक्ति, अच्छे कर्म और आध्यात्मिक चेतना इंसान को सही दिशा में लौटा सकती है।

डिस्केलमनर: यह लेख/खबर धार्मिक व सामाजिक मान्यता पर आधारित है। dainiktribneonline.com इस तरह की बात की पुष्टि नहीं करता है।

Advertisement
×