84 के दंगे : केंद्र ने एसआईटी भंग की मांगी अनुमति

नयी दिल्ली, 29 नवंबर (एजेंसी) केंद्र ने सुप्रीमकोर्ट से शुक्रवार को कहा कि 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों के 186 मामलों की जांच के लिए दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस एसएन ढींगरा के नेतृत्व में बनाई गई विशेष जांच टीम (एसआईटी) अपना काम पूरा कर चुकी है और इसलिए इसे अब भंग करने की अनुमति दी जानी चाहिए। शीर्ष अदालत ने दंगों के 186 मामलों में अतिरिक्त जांच का पता लगाने के लिए पिछले साल 11 जनवरी को एसआईटी गठित की थी जिसमें सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी राजदीप सिंह और 2006 बैच के सेवारत आईपीएस अधिकारी अभिषेक दुलार को भी शामिल किया गया था। एसआईटी में इस समय केवल दो सदस्य हैं क्योंकि सिंह ने ‘व्यक्तिगत कारणों' से इसका हिस्सा बनने इनकार कर दिया था। केंद्र ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ के समक्ष बंद लिफाफे में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट सौंपी। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल पिंकी आनंद ने पीठ को बताया कि एसआईटी अपना काम कर चुकी है इसलिए इसे भंग कर दिया जाना चाहिए।

सब से अधिक पढ़ी गई खबरें

शहर

View All