सुलह की राह पर भारत-अमेरिका

सुलह की राह पर भारत-अमेरिका

वाशिंगटन/नयी दिल्ली, 21 दिसंबर (एजेंसिया)

भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े से बदसलूकी मामले के बाद तल्ख हुए भारत-अमेरिकी संबंध अब पटरी पर आते दिख रहे हैं। वाशिंगटन से संकेत आ रहे हैं कि अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी भारत के विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद से जल्दी बात करेंगे। इधर खुर्शीद ने भी कहा है कि हमारे अच्छे संबंध खत्म नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत का मूल्यवान सहयोगी है। उसे साझीदारी के मूल्यों को समझना चाहिए। ध्यान रहे कि इस प्रकरण पर अमेरिका के अब तक के रुख से लग रहा था कि वह झुकने को तैयार नहीं है। लेकिन अब उसके रुख में नरमी आती दिख रही है। देवयानी खोबरागड़े अभी जमानत पर हैं। अभियोग चलने से पहले मामला सुलट जाने की उम्मीद जग रही है। इस मुद्दे पर भारतीय विदेश सचिव सुजात सिंह ने कहा है कि जैसा व्यवहार हम अमेरिकी राजनयिकों के साथ करते हैं, वैसा ही हमारे राजनयिकों के साथ भी होना चाहिए। मुद्दे पर अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता जेन पसाकी ने कहा कि देवयानी को संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में भेजे जाने का कोई अनुरोध नहीं मिला है। पसाकी ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध बेहद महत्वपूर्ण हैं, जो इस अकेली घटना के कारण पटरी से नहीं उतर सकते। दोनों देशों की तरफ से तल्खी में नरमी आते ही अब भारत और अमेरिका दोनों देशों की ओर से यह प्रयास हो रहा है कि देवयानी प्रकरण पर संभवत: बीच का कोई रास्ता निकल आएगा। विदेश मंत्री स्तर से लेकर सचिव स्तर पर इस संबंध में लगातार बात हो रही है।

विरोध और समर्थन : चेन्नई और न्यूयार्क में प्रदर्शन भारतीय राजनयिक की गिरफ्तारी के विरोध में वामपंथी युवा संगठन 'डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया' (डीवाईएफआई) के कार्यकर्ताओं ने चेन्नई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उधर, न्यूयॉर्क में भी जोरदार प्रदर्शन हुआ। भारतीय वाणिज्यिक दूतावास पर प्रदर्शन में बडी तादाद में महिलाएं शामिल हुईं। वहां देवयानी की नौकरानी संगीता के समर्थन में जमकर नारेबाजी की गई। आरोप लगाए गए कि भारत सरकार हाउस कीपर्स के मुद्दे को दबा रही है।

क्या है मामला 1999 बैच की आईएफएस अधिकारी खोबरागड़े को 12 दिसंबर को वीजा धोखाधड़ी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। 39 वर्षीया उप महावाणिज्यदूत देवयानी पर अपनी नौकरानी को कम तनख्वाह देने का आरोप लगाया गया। उनके कपड़े उतारकर गहन तलाशी ली गई और डीएनए जांच के लिए नमूना देने को विवश किया गया था। बाद में 250,000 डॉलर के मुचलके पर रिहाई से पहले जेल में उन्हें अपराधियों के बीच रखा गया। संबंधों में आयी थी तल्खी गिरफ्तारी और जांच प्रकरण के बाद भारत ने अमेरिकी दूतावासों के बाहर सुरक्षा बेरिकेड हटा दिये थे। विशेष सुविधाएं वापस कर खर्चे के सभी दस्तावेज तलब किए थे। हर पार्टी ने विरोध किया। अमेरिका से माफी मांगने को कहा। अमेरिका ने माफी मांगने से इनकार कर दिया था। हालांकि इस पर खेद जताया था।

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