श्रीलंका को 45 करोड़ डॉलर का ऋण देगा भारत

नयी दिल्ली में शुक्रवार को हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हाथ मिलाते श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे। -एजेंसी

नयी दिल्ली, 29 नवंबर (एजेंसी) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को श्रीलंका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे से मुलाकात के बाद कहा कि दोनों के बीच वार्ता 'सार्थक' रही। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीलंका को 45 करोड़ डॉलर की ऋण सुविधा मुहैया कराने का ऐलान किया। इसमें 5 करोड़ डॉलर की राशि द्वीपीय देश को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए प्रदान की जाएगी। वार्ता में श्रीलंका में तमिल समुदाय की आकांक्षाओं को पूरा करने सहित सुरक्षा और व्यापार संबंधों को बढ़ाने तथा मछुआरों की चिंताओं को दूर करने के मुद्दों पर जोर दिया गया। वार्ता के बाद मीडिया को जारी बयान में मोदी ने कहा कि उन्होंने राजपक्षे को आश्वासन दिया है कि उनके देश को प्रगति के रास्ते पर तेजी से ले जाने में भारत पूरा सहयोग करेगा। प्रधानमंत्री ने श्रीलंका में विकास परियोजनाओं के लिए 40 करोड़ डॉलर की ऋण सुविधा के अलावा आतंकवाद की चुनौती से निपटने के लिए 5 करोड़ डॉलर की सहायता देने की भी घोषणा की। श्रीलंका की राजधानी कोलम्बो में अप्रैल में कई बम धमाके हुए जिनमें 250 से अधिक लोग मारे गए। मोदी ने कहा, 'मैंने राष्ट्रपति राजपक्षे के साथ चर्चा की कि आतंकवाद से निपटने में अपने परस्पर सहयोग को कैसे और मजबूत कर सकते हैं। श्रीलंका के पुलिस अधिकारी आतंकवाद से निपटने के लिए प्रमुख भारतीय संस्थानों में प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं।' राजपक्षे बृहस्पतिवार को 3 दिन के दौरे पर यहां पहुंचे। श्रीलंका का राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली विदेश यात्रा है जो भारत के साथ उनके महत्वपूर्ण रिश्तों को दर्शाती है। तमिल मुद्दे पर मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि श्रीलंका की सरकार मेल-मिलाप प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी और तमिल समुदाय की आकांक्षाओं को पूरा करेगी। गोटबाया ने कहा कि वार्ता 'सार्थक' रही और विचार-विमर्श का केंद्र सुरक्षा-सहयोग रहा। गोटबाया ने कहा कि भारत के साथ वह अपने देश के द्विपक्षीय संबंधों को काफी 'ऊंचे स्तर' पर ले जाने का प्रयास करेंगे।

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