महाराष्ट्र मुद्दे ने रोकी संसद

संसद परिसर में सोमवार को महाराष्ट्र मुद्दे पर प्रदर्शन की अगुवाई करतीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी। -मुकेश अग्रवाल

हरीश लखेड़ा/ ट्रिन्यू नयी दिल्ली, 25 नवंबर महाराष्ट्र मामले ने सोमवार को शीतकालीन सत्र के दौरान संसद का सियासी पारा आसमान पर पहुंचा दिया। कांग्रेस ने संसद से लेकर सड़क तक यह मुद्दा उठाकर मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संसद में इस मुद्दे पर कांग्रेस का साथ देते हुए विपक्षी दलों ने भी दोनों सदनों में भारी हंगामा किया। लोकसभा में हंगामा कर रहे कांग्रेस के दो सांसदों को सदन के बाहर करने के लिए मार्शल भी बुलाने पड़े। इस हंगामे के कारण कई बार स्थगित करने के बाद आखिरकार दोनों सदनों की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले हंगामे के दौरान सरकार ने कई बिल पेश कर दिए। 17वीं लोकसभा में यह पहला मौका है जब सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित की गई। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में पार्टी सासंदों ने संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया, जबकि युवक कांग्रेस ने जंतर-मंतर पर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। कांग्रेस सांसदों ने संसद के भीतर और बाहर ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’, ‘प्रधानमंत्री होश में आओ’ और ‘वी वांट जस्टिस’ जैसे नारे लिखे पोस्टर व बैनर लेकर मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस ने दोनों सदनों में महाराष्ट्र मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए कार्य स्थगन प्रस्ताव भी दिए थे, लेकिन उन्हें यह कह कर खारिज कर दिया गया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बाद दोनों सदनों में कांग्रेस, एनसीपी, शिवसेना, टीएमसी, डीएमके ने हंगामा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी नारेबाजी की। वामदल भी कांग्रेस के पक्ष में थे। महिला सांसदों से धक्का-मुक्की का आरोप लोकसभा में सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस सांसद यह मुद्दा उठाने लगे। वे नारेबाजी करते हुए वेल तक पहुंच गए। इसी हंगामे के बीच लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू करने को कहा। कांग्रेस के हिबी इडेन एवं टीएन प्रतापन ने बड़ा पोस्टर ले रखा था। स्पीकर ने दोनों सांसदों को पोस्टर नीचे करने को कहा, लेकिन वे नहीं माने। इस पर स्पीकर ने मार्शलों से दोनों को सदन से बाहर करने का निर्देश दे दिया। उन्हें बाहर करने के प्रयास में सांसदों की मार्शलों से धक्का-मुक्की हो गई। मार्शलों ने जब बैनर हटाने की कोशिश की तो कांग्रेस सदस्यों ने एतराज जताया। धक्का-मुक्की होने पर बीच-बचाव के लिए सत्ता पक्ष से जगदंबिका पॉल और प्रहलाद पटेल को आना पड़ा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उनकी महिला सांसदों के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। हालांकि भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सदस्यों ने ही मार्शलों के साथ धक्का-मुक्की की। लोकतंत्र की हत्या हुई : राहुल स्पीकर ने एक सवाल पर पूरक प्रश्न पूछने के लिए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम भी पुकारा। लेकिन, राहुल ने यह कहते हुुए सवाल पूछने से इनकार कर दिया कि महाराष्ट्र में लोकतंत्र की हत्या हुई है, ऐसे में सवाल पूछने का कोई मतलब नहीं है।

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