भारत-चीन को छोड़कर बाकी विश्व में मंदी का डर

संयुक्तराष्ट्र, 31 मार्च (एजेंसी) संयुक्तराष्ट्र की ताजा व्यापार रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस महामारी के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था इस साल मंदी में चली जाएगी, जबकि भारत और चीन इसके अपवाद हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान खरबों डॉलर का नुकसान होगा और विकासशील देशों के लिए एक बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। रिपोर्ट में हालांकि इस बात की विस्तार से व्याख्या नहीं की गई है कि भारत और चीन अपवाद क्यों और कैसे होंगे। संयुक्तराष्ट्र ने कहा है कि कोरोना संकट के चलते विकासशील देशों में रह रहे दुनिया के करीब दो-तिहाई लोग अभूतपूर्व आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और साथ ही इन देशों की मदद के लिए 2500 अरब डॉलर के राहत पैकेज की सिफारिश भी की गई है। संयुक्तराष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (अंकटाड) के एक ताजा विश्लेषण में कहा गया है कि दुनिया की दो-तिहाई आबादी प्रभावित होगी और अगले दो वर्षों के दौरान विकासशील देशों में करीब 2,000 अरब डॉलर से 3,000 अरब डॉलर के बीच विदेशों से आने वाला निवेश प्रभावित हो सकता है।

एक करोड़ लोग फंस सकते हैं गरीबी के जाल में : विश्व बैंक वाशिंगटन : विश्व बैंक ने चेतावनी दी है कि कोरोना वायरस महामारी के चलते पूर्वी एशिया और प्रशांत क्षेत्र में लगभग 1.1 करोड़ लोग गरीबी के जाल में फंस सकते हैं। विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा कि इससे पहले अनुमान लगाया गया था कि 2020 में पूर्वी एशिया और प्रशांत क्षेत्र के करीब 3.5 करोड़ लोग गरीबी से उबर जाएंगे। बैंक ने कहा है कि विकासशील पूर्वी एशिया और प्रशांत क्षेत्र में वृद्धि दर के धीमी होकर 2.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि सबसे बुरी दशा में यह नकारात्मक 0.5 प्रतिशत हो सकती है।

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