भारतीय मूल के दो भाइयों ने स्वीकार की ड्रग तस्करी में संलिप्तता

लंदन, 29 नवंबर (एजेंसी) ब्रिटेन में भारतीय मूल के दो भाइयों ने एक आपराधिक गिरोह की गतिविधियों में संलिप्त होने की बात स्वीकार की है, जो नीदरलैंड से चिकन आयात करने वाली नामचीन कंपनियों के जरिये ब्रिटेन में लाखों पाउंड के मादक पदार्थों की अवैध तस्करी में शामिल था। ब्रिटेन की राष्ट्रीय अपराध एजेंसी (एसीए) की जांच के बाद मनजिन्दर सिंह ठक्कर और देवेन्द्र सिंह ठक्कर को गिरफ्तार किया गया। उन्हें अगले साल जनवरी में सजा सुनाई जाएगी। बर्मिंघम की एक अदालत ने इसी सप्ताह इस मामले में गिरोह के दो सरगनों वसीम हुसैन और नजरत हुसैन को तकरीबन 44 साल की कैद की सजा सुनाई थी। एनसीए के शाखा परिचालन प्रबंधक कोलिन विलियम्स ने कहा, 'इस मामले की दो से तीन साल तक चली जांच के दौरान हमने व्यवस्थित तरीके से संगठित अपराध का पर्दाफाश किया, जो वेस्ट मिडलैंड्स में ड्रग्स के आयात और वितरण में शामिल था। उन्होंने बताया कि तीन मौकों पर चिकन ले जा रहे पानी के जहाजों में लगभग 5 मिलियन पाउंड की हेरोइन और कोकीन पकड़ी गई थी। एनसीए ने कहा कि जहाजों की जांच करने वाले अधिकारियों ने इसके बाद इस तरह की 16 गतिविधियों का पता लगाया।

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