बहुविवाह और निकाह हलाला पर सुनवाई जनवरी में

नयी दिल्ली, 2 दिसंबर (एजेंसी) सुप्रीमकोर्ट ने सोमवार को कहा कि मुस्लिम समुदाय में प्रचलित बहुविवाह और निकाह हलाला की प्रथाओं को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सर्दियों की छुट्टियों के बाद अगले साल जनवरी में सुनवाई की जाएगी। चीफ जस्टिस एस ए बोबड़े, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ के समक्ष अधिवक्ता और भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने इस मामले का उल्लेख करते हुये इस पर शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया। पीठ ने कहा कि इस पर तत्काल सुनवाई नहीं की जा सकती और इसे सर्दियों के अवकाश के बाद जनवरी में सूचीबद्ध किया जाएगा। उपाध्याय ने अपनी याचिका में बहुविवाह और निकाह हलाला की प्रथाओं को ‘असंवैधानिक' और ‘गैरकानूनी' घोषित करने का अनुरोध किया है। शीर्ष अदालत ने जुलाई, 2018 में इस मामले पर विचार के बाद इसे संविधान पीठ को सौंप दिया था और उससे इसी तरह की याचिकाओं पर सुनवाई का आग्रह किया था। अदालत ने याचिकाकर्ता फरजाना की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया था और उपाध्याय की याचिका को संविधान पीठ द्वारा सुनवाई के लिये लंबित याचिकाओं के साथ संलग्न कर दिया था। कोर्ट ने विधि एवं न्याय मंत्रालय, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय और राष्ट्रीय महिला आयोग को भी नोटिस जारी किये थे। याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत यह याचिका दायर कर मुस्लिम समुदाय में प्रचलित बहुविवाह और निकाह हलाला को गैरकानूनी और संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21 और 25 का उल्लंघन करने वाला घोषित करने का निर्देश देने का अनुरोध कर रहा है।

सब से अधिक पढ़ी गई खबरें

शहर

View All