बयान रिकॉर्ड करने में देरी पर सीबीआई की खिंचाई

नयी दिल्ली, 25 नवंबर (एजेंसी) दिल्ली की एक अदालत ने विवादास्पद हथियार डीलर अभिषेक वर्मा के बयान रिकार्ड करने में देरी के लिए सीबीआई की खिंचाई की। वर्मा 1984 के सिख विरोधी दंगे से जुड़े एक मामले में गवाह हैं और इस मामले में कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर आरोपी हैं। अदालत ने जांच अधिकारी को सुनवाई के दौरान जांच में गिनायी गयी खामियों के बारे में 15 दिन के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा और मामले को 20 दिसंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट हरज्योत सिंह भल्ला ने कहा, ‘घटना के 35 साल बाद, जहां इस देश के लोगों को जिंदा जला दिया गया था, जांच एजेंसियों ने यह दिखाने की कोशिश की है कि वे पीड़ितों को न्याय दिलाना सुनश्चित करेंगे। जबकि एजेंसियों के आचरण के बारे में रिकार्ड, मेरे नजरिए में कुछ दूसरी ही चीज बयां करती है।’ अदालत ने कहा कि गवाह वर्मा का पॉलिग्राफी टेस्ट कराने के लिए 4 दिसंबर 2015 को जारी आदेश के बावजूद सीबीआई ने अगले तीन साल तक यह परीक्षण नहीं कराया गया और अंतत: यह 4 दिसंबर 2018 को हुआ।

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