डीजीपी की नियुक्ति के खिलाफ याचिका पर विचार नहीं होगा

नयी दिल्ली, 13 जुलाई (एजेंसी) दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि हरियाणा के डीजीपी मनोज यादव की नियुक्ति के खिलाफ दाखिल याचिका पर विचार नहीं किया जा सकता, क्योंकि इसका समाधान केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) के समक्ष ही हो सकता है। अदालत ने आईपीएस अधिकारी प्रभात रंजन देव की याचिका पर यह फैसला सुनाया। देव ने यूपीएससी द्वारा यादव के नाम की सिफारिश और सूचीबद्ध किए जाने तथा राज्य सरकार के 18 फरवरी 2019 के आदेश से हरियाणा के डीजीपी के तौर पर उनकी नियुक्ति को खारिज करने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का संदर्भ दिया और कहा कि प्रशासनिक न्यायाधिकरण कानून के प्रावधानों में स्पष्ट है कि सेवा संबंधी मामले कानून के तहत आते हैं और न्यायाधिकरण एक विकल्प नहीं बल्कि याचिकाकर्ता देव के लिए ‘एकमात्र' उपलब्ध मंच है। जस्टिस ज्योति सिंह ने 15 पन्ने के अपने फैसले में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले और कानून के संबंधित प्रावधानों के मद्देनजर याचिका विचार योग्य नहीं है और इसे खारिज कर दिया।

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